эй зада дар машки ноби сад гиреҳу банд

ای زده در مشک ناب صد گره و بند

Ҳуққа ёқӯт карда пари шукру қанд

حقّه یاقوت کرده پر شکر و قند

Хастаи тани ошиқон ба ғамзаи хӯни рез

خسته تن عاشقان به غمزه خون ریز

Бардаи дили дӯстон ба лаъли шикарханд

برده دل دوستان به لعل شکرخند

Шавқи ту сад фитна дар ниҳоди ман андохт

شوق تو صد فتنه در نهاد من انداخت

Ишқи ту сад шӯр дар вуҷӯди ман афканд

عشق تو صد شور در وجود من افکند

Бар тани ман меҳнати фироқи ту то кӣ ?

بر تن من محنت فراق تو تا کی؟

Дар дили ман сӯзи иштиёқи ту то чанд

در دل من سوز اشتیاق تو تا چند

Нест танамро раҳи гурези азин дом

نیست تنم را ره گریز ازین دام

Нест диламро раҳи халоси азин банд

نیست دلم را ره خلاص ازین بند

Панди диҳӣ каз балоӣ ишқ бипарҳез

پند دهی کز بلای عشق بپرهیز

Мардуми дилдодаро чаҳ суд кунад панд

مردم دلداده را چه سود کند پند

Ҷаври ту пеши ҷалоли меҳри намояд

جور تو پیش جلال مهر نماید

Мо бипасандем аз ту лек ту мапаснд

ما بپسندیم از تو لیک تو مپسند