Зулфи ту хуршедро дар соя пинҳон ме кунад
زلف تو خورشید را در سایه پنهان میکند
Рӯзи равшан бо шаби торик яксон ме кунад
روز روشن با شب تاریک یکسان میکند
Гул чу мебинад ки рӯяти бӯстон афрӯз шуд
گل چو میبیند که رویت بوستانافروز شد
Қурби як сол аз хиҷолати тарк бустон ме кунад
قرب یک سال از خجالت ترک بستان میکند
Аз чаҳ шуд зулфи ту дар банди парешонеи халқ
از چه شد زلف تو در بند پریشانی خلق
Чун ҳамаи рӯзаи рахт бо мардум эҳсон ме кунад
چون همهروزه رخت با مردم احسان میکند
зи оҳи ман зулфи кажат дар тоб шуд вена нест рост
ز آه من زلف کژت در تاب شد وین نیست راست
Гар ба ҳар бодии зи мо хотир парешон ме кунад
گر به هر بادی ز ما خاطر پریشان میکند
Ман ҳам аввали тарк ҷон кардам чу донистам ки нест
من هم اوّل ترک جان کردم چو دانستم که نیست
Ошиқии кор касе кондишаҳ аз ҷон ме кунад
عاشقی کار کسی کاندیشه از جان میکند
Бар лаби лаълати дамидаи хати сабзати гўиё
بر لب لعلت دمیده خطّ سبزت گوییا
Хизри маскан дар канори об ҳайвон ме кунад
خضر مسکن در کنار آب حیوان میکند
Ташнагонро ҷони расида бар лабу Хизри хатат
تشنگان را جان رسیده بر لب و خضر خطت
Об ҳайвон дорад ва аз халқ пинҳон ме кунад
آب حیوان دارد و از خلق پنهان میکند
Аз гиребон то намӯдӣ чеҳра ҳар шаб то ба рӯз
از گریبان تا نمودی چهره هر شب تا به روز
Офтоб аз шарми ту сар дар гиребон ме кунад
آفتاب از شرم تو سر در گریبان میکند
Аз гулистони рахт чун ёд май оради ҷалол
از گلستان رخت چون یاد میآرد جلال
Хори мижгонаши ҷаҳониро гулистон ме кунад
خار مژگانش جهانی را گلستان میکند