Чанд ҷонами пас зонуӣ ъно биншинад

چند جانم پس زانوی عنا بنشیند

Ҳамдами дард ба умед даво биншинад

همدم درد به امّید دوا بنشیند

Чун дил ва дидаам аз оташ ва обаст хароб

چون دل و دیده ام از آتش و آب است خراب

Гар даройади зи дирами дӯст куҷо биншинад

گر درآید ز درم دوست کجا بنشیند

Як дами андари талаби дӯсти з по нанишинам

یک دم اندر طلب دوست ز پا ننشینم

Ошиқи длшдаҳ бедӯст чаро биншинад

عاشق دلشده بی دوست چرا بنشیند

эй басои фитна ки аз ҳар тарафӣ бархезад

ای بسا فتنه که از هر طرفی برخیزد

Баҳри он гӯша ки он фитна мо биншинад

بهر آن گوشه که آن فتنه ما بنشیند

Кас чаҳ донад ки чаҳ хезади дили муштоқон ро

کس چه داند که چه خیزد دل مشتاقان را

Дӯст ҳар ҷой ки бархезад ва ё биншинад

دوست هر جای که برخیزد و یا بنشیند

эй ки чун бинишастӣ сарв ба хизмат бархест

ای که چون بنشستی سرو به خدمت برخاست

Боз агар бархезӣ сарви з по биншинад

باز اگر برخیزی سرو ز پا بنشیند

Оташӣ дар дилам аз ҳиҷри ту афрӯхта аст

آتشی در دلم از هجر تو افروخته است

Як нафаси пеш дилам биншин то биншинад

یک نفس پیش دلم بنشین تا بنشیند

Рӯй ту қибла длҳост мапуашон зин беш

روی تو قبله دلهاست مپوشان زین بیش

То ҳар он кас ки бибинад ба дуо биншинад

تا هر آن کس که ببیند به دعا بنشیند

Чун ҷалол аз паии васлати зи сар ҷон бархест

چون جلال از پی وصلت ز سر جان برخاست

То ба каф наорад васли ту , куҷо биншинад

تا به کف نآرد وصل تو، کجا بنشیند