Дӯши шабамро сифати рӯз буд

دوش شبم را صفت روز بود

Дар барам он шамъи дили афрӯз буд

در برم آن شمع دل افروز بود

Чокари ман давлати бедор буд

چاکر من دولت بیدار بود

Бандаи ман толеъи пирӯз буд

بنده من طالع پیروز بود

Ёри марои мӯнису дмсоз буд

یار مرا مونس و دمساز بود

Шамъи марои ҳамдам ва ҳам сӯз буд

شمع مرا همدم و هم سوز بود

Хол бар он чеҳраи шаби қадар буд

خال بر آن چهره شب قدر بود

Зулф бар он рухи шаби наврӯз буд

زلف بر آن رخ شب نوروز بود

Бо ман бечора наме гашти ром

با من بیچاره نمی گشت رام

Венаи асари панди бдомўз буд

وین اثر پند بدآموز بود

Партави рухсори дили афрӯз ӯ

پرتو رخسار دل افروز او

Дар дили шаби рӯзи не аз рӯз буд

در دل شب روز نی از روز بود

Ҷону дилами хаста ва маҷрӯҳ кард

جان و دلم خسته و مجروح کرد

Новаки чашмаш ки ҷгрдўз буд

ناوک چشمش که جگردوز بود

Хуррамӣ андӯхт зи васлаши ҷалол

خرّمی اندوخت ز وصلش جلال

Гарчи зи ҳиҷронаш ғам андӯз буд

گرچه ز هجرانش غم اندوز بود