Азин диёр бирафтему хуши диёрӣ буд
ازین دیار برفتیم و خوش دیاری بود
Ба об дида бишустем агар ғуборӣ буд
به آب دیده بشستیم اگر غباری بود
зи остони шарифат агар фитодам давр
ز آستان شریفت اگر فتادم دور
Гумон мабар ки дарин корами ихтиёрӣ буд
گمان مبر که درین کارم اختیاری بود
Дило ба ҳиҷр бисӯз ва бисоз бо хорӣ
دلا به هجر بسوز و بساز با خواری
Ки васли ёри аҷаби рӯзу рӯзгорӣ буд
که وصل یار عجب روز و روزگاری بود
Ҷалол рафту турои баъд азин шавад маълум
جلال رفت و ترا بعد ازین شود معلوم
Ки он шикастаи мискин чигуна ёрӣ буд
که آن شکسته مسکین چگونه یاری بود