Доман кашон расед сӯии ҷӯйбори гул
دامن کشان رسید سوی جویبار گل
эй тарки глъзор ба доман биор гул
ای ترک گلعذار به دامن بیار گل
Рози наҳуфтаи дил булбул шуд ошкор
راز نهفته دل بلبل شد آشکار
Бартарафи ҷӯйбор чу шуд ошкори гул
برطرف جویبار چو شد آشکار گل
Доданд боръом ки аз базмгоҳи хос
دادند بارعام که از بزمگاه خاص
Омад ба фоли саъд дар айвони ёри гул
آمد به فال سعد در ایوان یار گل
Дар бор дошт атласи сабзу ҳарири сурх
در بار داشت اطلس سبز و حریر سرخ
Шуд муштарии ҳазор чу бикшод бори гул
شد مشتری هزار چو بگشاد بار گل
Ҳар дам ба маҷлисӣ равад аз баси тлўнш
هر دم به مجلسی رود از بس تلوّنش
Як ҳафтаи ҳеҷ ҷой нагирад қарори гул
یک هفته هیچ جای نگیرد قرار گل
Бар дасти соқёни самани рухи шароби лаъл
بر دست ساقیانِ سمن رخ شراب لعل
Гӯйӣ шукуфтааст зи сарву чанори гул
گویی شکفته است ز سرو و چنار گل
Чандон кашид ва боз кашидаш ки чок зад
چندان کشید و باز کشیدش که چاک زد
Аз дасти боди перҳани зарнигори гул
از دست باد پیرهن زرنگار گل
Зини сон ки зарду сурхи баромад ба ҷӯйбор
زین سان که زرد و سرخ برآمد به جویبار
Аз шарми бодаи гашти магари шармсори гул
از شرم باده گشت مگر شرمسار گل
Доне ки гули ҷалол ! чаро шуд чунин азиз ?
دانی که گل جلال! چرا شد چنین عزیز؟
Аз баҳри онкӣ ор надорад зи хори гул
از بهر آنکه عار ندارد ز خار گل