Дар орзӯии висолат агарчӣ бо ғаму дардам

در آرزوی وصالت اگرچه با غم و دردم

Умедвори чунонам ки ноумед нигарадам

امیدوار چنانم که ناامید نگردم

Манам чу шамъ ки ҳар шаби зи сӯзи ҳиҷри ту то рӯз

منم چو شمع که هر شب ز سوز هجر تو تا روز

Сиришки гарм фурӯ меравад ба чеҳраи зардам

سرشک گرم فرو می رود به چهره زردم

Аз он замон ки марои бахти хуфта аз ту ҷудо кард

از آن زمان که مرا بخت خفته از تو جدا کرد

Намонад шарбати дардӣ ки аз замона нахурдам

نماند شربت دردی که از زمانه نخوردم

Суҳайли ҳиҷри баромад , маи висол фурӯ шуд

سهیل هجر برآمد، مه وصال فرو شد

зи рӯзи тира фузун шуд дарозии шаби дардам

ز روز تیره فزون شد درازی شب دردم

зи иштиёқи ҷамолат чаҳ сайлҳо ки нрондм

ز اشتیاق جمالت چه سیل ها که نراندم

зи рӯзгори висолат чаҳ ёдҳо ки накардам

ز روزگار وصالت چه یادها که نکردم

Ҳазор нола барорам зи дасти ҳиҷри ту ҳар рӯз

هزار ناله برآرم ز دست هجر تو هر روز

Ҳазор қатраи баборам ба ёди васли ту ҳар дам

هزار قطره ببارم به یاد وصل تو هر دم

Шаби фироқати азин сон ки буи субҳ надорад

شب فراقت ازین سان که بوی صبح ندارد

Чароғи субҳ ҳамоно бамурд аз дами сардам

چراغ صبح همانا بمرد از دم سردم

Чунин ки ҳиҷри ту гирд аз ман шикаста баровард

چنین که هجر تو گَرد از من شکسته برآورد

Магари насим сабо оварад ба кӯии ту гирдам

مگر نسیم صبا آورد به کوی تو گردم

Хаёл рӯй ту ҳамвора ҳамнишин ҷалол аст

خیال روی تو همواره همنشین جلال است

Ки бо хаёли ту ҷуфтамгар аз висоли ту фардам

که با خیال تو جفتم گر از وصال تو فردم