Марои дардии сети андари дил , вале гуфтан наме ёрам

مرا دردی‌ست اندر دل، ولی گفتن نمی‌یارم

Ғами дурдона Эй дорам вале сифтан наме ёрам

غم دُردانه‌ای دارم ولی سُفتن نمی‌یارم

Бихоҳам гуфт ҳолам бо табиби хештани рӯзӣ

بخواهم گفت حالم با طبیب خویشتن روزی

Ки дар дил беш азин ин дарди бнҳФтн наме ёрам

که در دل بیش ازین این درد بنهفتن نمی‌یارم

Ту васфи ҳасани он рӯй аз ман ҳайрон чаҳ май пурсӣ

تو وصف حسن آن روی از من حیران چه می‌پرسی

Бибин ошӯб дар олам ки ман гуфтан наме ёрам

ببین آشوب در عالم که من گفتن نمی‌یارم

Аз он хорӣ ки афкандааст ҳиҷрон зер паҳлуем

از آن خاری که افکنده است هجران زیر پهلویم

Хаёлаш нек медонад ки ман хуфтан наме ёрам

خیالش نیک می‌داند که من خفتن نمی‌یارم

Бар ман то намеояд сабое аз сари кӯяш

بر من تا نمی‌آید صبایی از سر کویش

Дилам чун ғунча пурхӯнасту бшкФтн наме ёрам

دلم چون غنچه پرخون است و بشکفتن نمی‌یارم

Чу авқоти ҷалол ошуфта медорад сари зулфаш

چو اوقات جلال آشفته می‌دارد سر زلفش

Чаҳ шояд кард бо зулфаши брошФтн наме ёрам

چه شاید کرد با زلفش برآشفتن نمی‌یارم