Зиҳии зулфи ту нархи сунбули шикаста
زهی زلف تو نرخ سنبل شکسته
Ба занҷири зулфати дили хастаи баста
به زنجیر زلفت دل خسته بسته
Диламро азин беш машкан ки ҳаргиз
دلم را ازین بیش مشکن که هرگز
Набӯдаи сети бозори гармами шикаста
نبوده ست بازار گرمم شکسته
Бишуд ошиқи зор то дар рахт дид
بشد عاشق زار تا در رخت دید
Дилами пораи пораи гулами дастаи даста
دلم پاره پاره گلم دسته دسته
Аз он чашму зулфи ту то худ чаҳ хезад
از آن چشم و زلف تو تا خود چه خیزد
Ду таррору қаттол бо ҳам нишаста
دو طرّار و قتال با هم نشسته
Хушо қомату оризат ҳар ду бо ҳам
خوشا قامت و عارضت هر دو با هم
Ки бахт баландасту рӯзи хуҷаста
که بخت بلند است و روز خجسته
Агар бози байнами рахт , бози байнам
اگر باز بینم رخت، باز بینم
зи домони худ дасти меҳнати гусаста
ز دامان خود دست محنت گسسته
Ҷалол ар бимонад з ишқат нагардад
جلال ار بماند ز عشقت نگردد
зи лавҳи дилаши нақши ишқи ту шаста
ز لوح دلش نقش عشق تو شسته