Ҳар шаб аз ҳиҷри ту то рӯз намеёрам хуфт
هر شب از هجر تو تا روز نمی یارم خفت
Бо касе воқеаи хеш намеёрам гуфт
با کسی واقعه خویش نمی یارم گفت
Зери паҳлавӣ ҳар он кас ки пар аз хор буд
زیر پهلوی هر آن کس که پُر از خار بود
Ҳамаи шаби ҳеҷ шаккӣ нест ки натавонад хуфт
همه شب هیچ شکی نیست که نتواند خفت
Ҳар як аз тори мижаи қатра обӣ дорад
هر یک از تار مژه قطره آبی دارد
Ин чунин гавҳари покиза ба алмос ки сифт
این چنین گوهر پاکیزه به الماس که سفت
Хӯни дили дида чу бар чеҳра Чехияанд гӯям
خون دل دیده چو بر چهره چکاند گویم
Бозам аз ин дили девонаи гулии нави бушковат
بازم از این دل دیوانه گلی نو بشکفت
Бахтам аз наргиси пурхоб ту шуд андари хоб
بختم از نرگس پرخواب تو شد اندر خواب
ё зи ошуфтагии зулф сиёҳат ошуфт
یا ز آشفتگی زلف سیاهت آشفت
Хоки кӯии ту дареғаст ки бар бод равад
خاک کوی تو دریغ است که بر باد رود
Ҷуз ба мижгон натавон хоки сари кӯй ту рафт
جز به مژگان نتوان خاک سر کوی تو رُفت
Меҳри рухсори ту дар дил натавон дошт ниҳон
مهر رخسار تو در دل نتوان داشت نهان
Бар гул тира нишоед рух хуршед наҳуфт
بر گل تیره نشاید رخ خورشید نهفت
эй азизон ! ман агар сабр надорам аз дӯст
ای عزیزان! من اگر صبر ندارم از دوست
Сабр аз ҷон натавон кард мадоред шигифт
صبر از جان نتوان کرد مدارید شگفت
То ҷалол аз ту ҷудои гашт ба ҷон нолон аст
تا جلال از تو جدا گشت به جان نالان است
Оҳ аз он булбули нолон ки шавад тоқ аз ҷуфт
آه از آن بلبل نالان که شود طاق از جفت