Моиему ғами ишқу сари кӯии маломат

ماییم و غم عشق و سر کوی ملامت

Гум карда з бе хештании роҳи саломат

گم کرده ز بی خویشتنی راه سلامت

Шаҳрии сети пар аз фитнау роҳии сети пурошӯб

شهری ست پر از فتنه و راهی ست پرآشوب

На рӯй сафар кардан ва на рои иқомат

نه روی سفر کردن و نه رای اقامت

Рафтӣ ва мапиндор ки даст аз ту бидорам

رفتی و مپندار که دست از تو بدارم

Дасти ману домони ту то рӯзи қиёмат

دست من و دامان تو تا روز قیامت

Ман панди рафиқон мувофиқ нишнидам

من پند رفیقان موافق نشنیدم

Зеро шудам омоҷгаҳи тири маломат

زیرا شدم آماجگه تیر ملامت

Ҳар кас ки насиҳати з азизон накунад гӯш

هر کس که نصیحت ز عزیزان نکند گوش

Бисёр бхоиди сарангушти надомат

بسیار بخاید سرانگشت ندامت

Ашкам ки ба рухсор ту монаст нишондам

اشکم که به رخسار تو مانست نشاندم

Бар гӯшаи чашмаш ба сад эъзозу каромат

بر گوشه چشمش به صد اعزاز و کرامت

Дар сина аҷаб нест ки дорад дили бемор

در سینه عجب نیست که دارد دل بیمار

Онро ки хамидааст чу абрӯии ту қомат

آن را که خمیده است چو ابروی تو قامت

Айёр ки Мансур шавад бар ҳамаи комӣ

عیّار که منصور شود بر همه کامی

Онаст ки бар дори знндш ба аломат

آنست که بر دار زنندش به علامت

Ҳар шаб ки ҷалол аз ғами дили оҳи برارد

هر شب که جلال از غم دل آه برآرد

Суккон самовот биноланд тамомат

سکان سماوات بنالند تمامت