Аз дӯст ба душман натавон кард шикоят
از دوست به دشمن نتوان کرد شکایت
Каз ёри ҷафо ба ки зи ағёри ҳимоят
کز یار جفا بِه که ز اغیار حمایت
Вари муддаӣ аз ҷаври ту фарёд баровард
ور مدّعی از جور تو فریاد برآورد
Шукраст ки мо аз ту надорем шикоят
شکر است که ما از تو نداریم شکایت
Бе ҷурми басии ҷавру итоб аз ту кашидем
بی جرم بسی جور و عتاب از تو کشیدیم
Вақтаст ки бар мо фиканӣ чашми аноят
وقت است که بر ما فکنی چشم عنایت
Моро ба азин дор аз он рӯ ки тавон дошт
ما را بِه ازین دار از آن رو که توان داشت
Бемор ба тимору раият ба риоят
بیمار به تیمار و رعیّت به رعایت
Фориғи зи манӣ варна ?бирти сӯрати аҳвол
فارغ ز منی ورنه برت صورت احوال
Садбор бигуфтам ба сариҳ ва ба кноит
صدبار بگفتم به صریح و به کنایت
Тифли раҳи ишқами ту марои банда худ хон
طفل ره عشقم تو مرا بنده خود خوان
То пиртриқт шаваму шоҳи вилоят
تا پیرطریقت شوم و شاه ولایت
Парвонаи ҷони сӯзам ва ту шамъи дили афрӯз
پروانه جان سوزم و تو شمع دل افروز
Рӯзии бикунади сӯзи дилам дар ту сироят
روزی بکند سوز دلم در تو سرایت
Донам ки ндонӣ ки зи шавқи рухи хубат
دانم که ندانی که ز شوق رخ خوبت
Ғам бар дили ман то ба чаҳ ҳадаст ва чаҳ ғоят
غم بر دل من تا به چه حدّ است و چه غایت
Дар сӯрат хубон набӯд ин ҳамаи маънӣ
در صورت خوبان نبود این همه معنی
Дар сӯрат Юсуф набӯд ин ҳамаи оят
در صورت یوسف نبود این همه آیت
эй роҳрави ишқ ! чунин гарм чаҳ тозӣ
ای راهرو عشق! چنین گرم چه تازی
Оҳиста ки ин бодияро нест ниҳоят
آهسته که این بادیه را نیست نهایت
Ҳоле ки ҷалол аз ҳамаи халқ ниҳон дошт
حالی که جلال از همه خلق نهان داشت
Ранги руху сайли мижа аш кард ҳикоят
رنگ رخ و سیل مژه اش کرد حکایت