намекунӣ назарии бедилони ғамгин ро

نمی کنی نظری بیدلان غمگین را

Ҳамеи кашӣ ба ҷафои ошиқони мискин ро

همی کشی به جفا عاشقان مسکین را

Сабои ҳикояти зулфат ба ҳар ки шаҳр бигуфт

صبا حکایت زلفت به هر که شهر بگفت

Дигар маҷоли мадаи мардуми сухани чин ро

دگر مجال مده مردم سخن چین را

эй ба тарафи гулистони нишондаи наргиси маст

ای به طرف گلستان نشانده نرگس مست

зи шохи сунбултар соя карда насрин ро

ز شاخ سنبل تر سایه کرده نسرین را

Биё ки бе ту ҷаҳонам ба чашм торик аст

بیا که بی تو جهانم به چشم تاریک است

Магар ба рӯй ту равшан кунам ҷаҳони байн ро

مگر به روی تو روشن کنم جهان بین را

Бирафтӣу зи фироқи ту зиндагӣ талх аст

برفتی و ز فراق تو زندگی تلخ است

Биё ки бар ту фишонем ҷони ширин ро

بیا که بر تو فشانیم جان شیرین را

Марои сиррии сет ки бар остона Эй дорам

مرا سری ست که بر آستانه ای دارم

Ки солҳо ки надидааст рӯй болин ро

که سالها که ندیده است روی بالین را

Ту теғ май зан ва бигзор то ман ҳайрон

تو تیغ می زن و بگذار تا من حیران

Назора ҳаме кунам он соиди нигорин ро

نظاره همی کنم آن ساعد نگارین را

Равои мадор ки бар бод меравад ҷон ҳо

روا مدار که بر باد می رود جان ها

Ба дасти боди мадаи он ду зулфи мишкӣн ро

به دست باد مده آن دو زلف مشکین را

Ба куфри зулфи ту дунёи з даст дод ҷалол

به کفر زلف تو دنیا ز دست داد جلال

Аз он сабаб ки ба дунё намедиҳад дайн ро

از آن سبب که به دنیا نمی دهد دین را