Магари фитнаи ишқ бедор шуд
مگر فتنه عشق بیدار شد
Ки хилват нишин сӯй хумор шуд
که خلوت نشین سوی خمّار شد
Бигӯед бо пери ди ири Муғон
بگویید با پیر دَ یرِ مغان
Ки дайни куфру тасбеҳ зуннор шуд
که دین کفر و تسبیح زنّار شد
Аҷаб нест сари ано алҳақ аз он
عجب نیست سرّ انا الحق از آن
Ки монанди Мансур бар дор шуд
که مانند منصور بر دار شد
Аё дӯстон ! мавсим ёрӣ аст
ایا دوستان! موسم یاری است
Ки корами бад-ӣни гӯна дшхўор шуд
که کارم بدین گونه دشخوار شد
Аё ошиқон ! навбат зорӣ аст
ایا عاشقان! نوبت زاری است
Ки аҳволи зори ин чунин зор шуд
که احوال زار این چنین زار شد
Чаҳ май буд гӯйӣ ки дар дови ишқ
چه می بود گویی که در داو عشق
Ки як бораи дасти ман аз кор шуд
که یک باره دست من از کار شد
Дилами ҳамчу булбул бинолед зор
دلم همچو بلبل بنالید زار
Саҳар чун сабои сӯй гулзор шуд
سحر چون صبا سوی گلزار شد
Магари пухти савдои зулфаши дилам
مگر پخت سودای زلفش دلم
Ки дар чанги меҳнат гирифтор шуд
که در چنگ محنت گرفتار شد
Ба айёрии омухт инак ҷалол
به عیّاری آموخت اینک جلال
Чу ҷӯёии он шайх айёр шуд
چو جویای آن شیخ عیّار شد