Туе ки чарх ба садри ту илтиҷо кардаст

تویی که چرخ به صدر تو التجا کرده‌ست

Шуъоъи ақл барои ту иқтидо кардаст

شعاع عقل برای تو اقتدا کرده‌ست

Амири олами одили шаҳоби дайни холис

امیر عالم عادل شهاب دین خالص

Ки хоки даргаи ту чарх тўтё кардаст

که خاک درگه تو چرخ توتیا کرده‌ست

Ба ҳирси хизмати ту осмон камар бастаст

به حرص خدمت تو آسمان کمر بسته‌ست

Збҳри ҷӯади ту хуршед кимиё кардаст

زبهر جود تو خورشید کیمیا کرده‌ست

НФози амри ту савганд бо қадар хӯрдаст

نفاذ امر تو سوگند با قدر خورده‌ست

Мзои ҳукми ту пайванд бо қазо кардаст

مضای حکم تو پیوند با قضا کرده‌ست

На теғи нусрати ту лаҳза ӣ бросўдст

نه تیغ نصرت تو لحظه‌ای برآسوده‌ست

На тири фикрати ту зарра ӣ хато кардаст

نه تیر فکرت تو ذره‌ای خطا کرده‌ست

Зшрми рои ту хуршед дар арақ ғарқаст

زشرم رای تو خورشید در عرق غرقست

Зиришки халқи ту гули перҳан қабо кардаст

زرشک خلق تو گل پیرهن قبا کرده‌ست

Ҳар ончӣ фоқид гашта зҷўди ҳотами тай

هر آنچه فاقد گشته زجود حاتم طی

Брўзгори ту онрои қазо қазо кардаст

بروزگار تو آنرا قضا قضا کرده‌ست

Ба теғи субҳи миёни фалаки ду нимаи гузор

به تیغ صبح میان فلک دو نیمه گذار

Агар хилоф ту гуфтаст чарх ё кардаст

اگر خلاف تو گفته‌ست چرخ یا کرده‌ست

Сипеҳр агарчӣ ту ?мешегӣу машк ғаммоз аст

سپهر اگرچه تو مشگی و مشک غماز است

Турои хазонаи асрор подшо кардаст

ترا خزانه اسرار پادشا کرده‌ست

Заволи роҳи наёбади бсоҳти ту ки чарх

زوال راه نیابد بساحت تو که چرخ

Ҳарими ҷоҳи туро бора аз бақо кардаст

حریم جاه تو را باره از بقا کرده‌ست

Ғуломи он дили дарёи вшм ки дар икдм

غلام آن دل دریا وشم که در یکدم

Ҳзорҳоҷти нохоста раво кардаст

هزارحاجت ناخواسته روا کرده‌ست

Сарой давлат кардаст вақф бар ту фалак

سرای دولت کردست وقف بر تو فلک

Барони чаҳор всаҳи впнҷи вшш гўо кардаст

برآن چهار وسه وپنج وشش گوا کرده‌ست

Табораки аллоҳ аз он халқи хуш ки пиндорӣ

تبارک الله از آن خلق خوش که پنداری

Ки насахтӣаст каз ахлоқ анбиё кардаст

که نسختی است کز اخلاق انبیا کرده‌ست

Бҳсни рои сари саракашон бпоӣ оварад

به حسن رای سر سرکشان بپای آورد

Бзхми теғи рухи душманон қафо кардаст

بزخم تیغ رخ دشمنان قفا کرده‌ست

Зиҳии мухолифи сӯзӣ ки захми ханҷари ту

زهی مخالف سوزی که زخم خنجر تو

Дили адуии турои луқма бало кардаст

دل عدوی ترا لقمه بلا کرده‌ست

Адуии ҷоҳи ту пиндошти даст барад бидон

عدوی جاه تو پنداشت دست برد بدان

Ки муҳраи дуздад ё хона ӣ дағо кардаст

که مهره دزدد یا خانه ی دغا کرده‌ست

Гумони набард ки ҳар шӯъбада ки кард ҳаме

گمان نبرد که هر شعبده که کرد همی

Ҳамаи зёдтии ҳишмат туро кардаст

همه زیادتی حشمت ترا کرده‌ست

Худои ъзўҷлро ба лутфи таъбия ҳост

خدای عزوجل را به لطف تعبیه‌هاست

Ки кас надонад ин чун вон чаро кардаст

که کس نداند این چون وآن چرا کرده‌ست

Басои сароб ки дар кисват шароб намӯд

بسا سراب که در کسوت شراب نمود

Басои ъност ки бар сӯрат Гана кардаст

بسا عناست که بر صورت غنا کرده‌ست

Ту бош то бузанд офтоби субҳи ту теғ

تو باش تا بزند آفتاب صبح تو تیغ

Ки субҳи давлатати ин соъат ибтидо кардаст

که صبح دولتت این ساعت ابتدا کرده‌ست

Замона дод турои сад ҳазор ваъдаи хуб

زمانه داد ترا صد هزار وعده خوب

Ҳануз аз он ҳамаи ваъдаи яке вафо кардаст

هنوز از آن همه وعده یکی وفا کرده‌ست

Дареғ бошад мисли ту ъушри хори касон

دریغ باشد مثل تو عشر خوار کسان

ЗФръи онкӣ касе вақфи даҳ гадо кардаст

زفرع آنکه کسی وقف ده گدا کرده‌ست

Маро умед бидонаст то з пас гӯйанд

مرا امید بدانست تا ز پس گویند

Ки инат муаззами ҷоӣӣ ки аўбно кардаст

که اینت معظم جائی که اوبنا کرده‌ست

Баланди бхтои дарё дило фалаки қдро

بلند بختا دریا دلا فلک قدرا

Ки эзадати шарафи дайни Мустафо ( с ) кардаст

که ایزدت شرف دین مصطفی (ص)کرده‌ست

Сипосу миннати ҳақро ки корҳои туро

سپاس و منت حق را که کارهای ترا

Ҳамаи мувофиқи кому ҳавоӣ мо кардаст

همه موافق کام و هوای ما کرده‌ست

Аннани маслиҳати худ бҳкми эзади даҳ

عنان مصلحت خود بحکم ایزد ده

Ки ҳарчӣ он на бқдир ӯст нокрдст

که هرچه آن نه بقدیر اوست ناکرده‌ست

Раҳеи бҳзртт ар камтар оварад заҳмат

رهی بحضرتت ار کمتر آورد زحمت

Магӯ ки хӣмти даргоҳ морҳо кардаст

مگو که خدمت درگاه مارها کرده‌ست

Ки азҷноби рафеъи ту тоҷдо монадаст

که ازجناب رفیع تو تاجدا مانده‌ست

Вазифаҳои мдиҳи ту бо дуо кардаст

وظیفه های مدیح تو با دعا کرده‌ست

Ҳамеша тока бигӯед касе бнзму бнср

همیشه تاکه بگوید کسی به نظم و به نثر

Ки сӯии дилбари худ ошиқӣ ҳаво кардаст

که سوی دلبر خود عاشقی هوا کرده‌ست

Ту шодмони зӣ дар давлати абад ки фалак

تو شادمان زی در دولت ابد که فلک

Адуии ҷоҳи турои туъма фано кардаст

عدوی جاه ترا طعمه فنا کرده‌ست

Ҳамеша гардиши афлоку ҷунбиши аҷром

همیشه گردش افلاک و جنبش اجرام

Чунонкии рои рафеъи ту иқтизо кардаст

چنانکه رای رفیع تو اقتضا کرده‌ست