Аикаҳ дар дасти ту ҳаргиз нарасад дасти завол
ایکه در دست تو هرگز نرسد دست زوال
Даври бод аз ту ва аз давлати ту айни камол
دور باد از تو و از دولت تو عین کمال
эй замини ҳалами замони ҷунбиши дарёи бахшиш
ای زمین حلم زمان جنبش دریا بخشش
АиФлки қадари малики сирати хуршеди ҷамол
ایفلک قدر ملک سیرت خورشید جمال
Мардуми чашми хиради воситаи ақди мулӯк
مردم چشم خرد واسطه عقد ملوک
Ардашери бен ҳасани шоҳи писандидаи хисол
اردشیر بن حسن شاه پسندیده خصال
Малики машриқу лашгари каши ислом ки ҳаст
ملک مشرق و لشگر کش اسلام که هست
Бар ҷҳондорит аз халқи ҷаҳони истиқлол
بر جهانداریت از خلق جهان استقلال
Қосир аз канаи ҷалоли ту мақодӣри уқул
قاصر از کنه جلال تو مقادیر عقول
Оҷиз аз нақши мисоли ту тасовири хаёл
عاجز از نقش مثال تو تصاویر خیال
Бози иқболи турои ҳафт фалаки зери ду пар
باز اقبال ترا هفت فلک زیر دو پر
Мурғи инсофи турои ҳафт замини зери ду бол
مرغ انصاف ترا هفت زمین زیر دو بال
Моҳи мнҷўқи ту дар соиди ҷавзои ёра
ماه منجوق تو در ساعد جوزا یاره
Наъли шабдизи ту дар пои сурайёи халхол
نعل شبدیز تو در پای ثریا خلخال
Гоҳи васфи назар тарбиятат наУмия ланг
گاه وصف نظر تربیتت نامیه لنگ
Гоҳи шарҳи шарафи мартабатати нотиқаи лол
گاه شرح شرف مرتبتت ناطقه لال
Даҳр дарҷӣаст дарави нуқта аз зикри ту хат
دهر درجی است درو نقطۀ از ذکر تو خط
Малик рўӣӣаст баров доираи чтртўи хол
ملک روئی است براو دایره چترتو خال
Зрўаҳ чарх рафеъаст турои саҳни сарой
ذروه چرخ رفیعست ترا صحن سرای
Қамаи арш Маҷидаст турои сақфи ҷалол
قمه عرش مجید است ترا سقف جلال
Рӯзи хашми ту шаётини ҳама дар туфу гудоз
روز خشم تو شیاطین همه در تف و گداز
Рӯзи бори ту салотини ҳама дар сафи нъол
روز بار تو سلاطین همه در صف نعال
Даври бод , ар туфи хашми ту забонаи бикашад
دور باد، ار تف خشم تو زبانه بکشد
Оҳани андари дили кӯҳ об шавад санги згол
آهن اندر دل کوه آب شود سنگ زگال
Офият дар ду ҷаҳони рахт куҷо биниҳодӣ
عافیت در دو جهان رخت کجا بنهادی
Гар на ин хашми турои ҳалами бадӣ дар дунбол
گر نه این خشم ترا حلم بدی در دنبال
Гар замини зарра аз ҳалами ту ҳосил кардӣ
گر زمین ذرۀ از حلم تو حاصل کردی
Дигар аз нафхаи сувараши нрсиддии зилзол
دگر از نفخه صورش نرسیددی زلزال
эй ки човуши раҳи ҳишмати ту хотами ҷам
ای که چاوش ره حشمت تو خاتم جم
Аикаҳи сарҳанг дар ҳайбати ту рустами зол
ایکه سرهنگ در هیبت تو رستم زال
Чатри дорӣ туро карда таманнои хоқон
چتر داری ترا کرده تمنا خاقان
Посбонӣ туро карда тақозои чипол
پاسبانی ترا کرده تقاضا چیپال
Ҳамаи чизят тавон хонд магари фарди қадим
همه چیزیت توان خواند مگر فرد قدیم
Ҳамаи чизят тавон гуфт магари айбу мисол
همه چیزیت توان گفت مگر عیب و مثال
Пеш аз ани кодми маншури хилофати бастад
پیش از ان کادم منشور خلافت بستد
Ту дар онъҳди малик будӣу одами слсол
تو در آنعهد ملک بودی و آدم صلصال
Осмони Тифли бад онгаҳ ки замини малики ту буд
آسمان طفل بد آنگه که زمین ملک تو بود
ВоФтоб аз адами онрўзи расида чу ҳилол
وافتاب از عدم آنروز رسیده چو هلال
Аз нами қатраи кмихти замин хушк набӯд
از نم قطره کمیخت زمین خشک نبود
Космон мезад дар пеши рикоби ту дўол
کاسمان میزد در پیش رکاب تو دوال
Аввалин рӯзи Уторид ки бдиўон бинишаст
اولین روز عطارد که بدیوان بنشست
Бҷҳондорӣ аз баҳр ту бинвишт мисол
بجهانداری از بهر تو بنوشت مثال
Дар азали малики ту пардохта шуд фориғ бош
در ازل ملک تو پرداخته شد فارغ باش
Зонка малики азалиро набӯд бими завол
زانکه ملک ازلی را نبود بیم زوال
Давлат онаст ки аз даври замони нбшўлд
دولت آنست که از دور زمان نبشولد
Варна бошад ҳамаи касро ду се рӯзии иқбол
ورنه باشد همه کس را دو سه روزی اقبال
Давҳаи салтанат ҳар ки қавитар зон нест
دوحه سلطنت هر که قوی تر زان نیست
Чун накӯи бенгарӣ аз боғи ту брдости ниҳол
چون نکو بنگری از باغ تو برداست نهال
Ҳқтъолӣ бтўозн дод ҳама рӯй замин
حقتعالی بتوازن داد همه روی زمین
Ки турои халқи ҳама рӯй заминанд аёл
که ترا خلق همه روی زمینند عیال
Соқии маҷлиси анъоми ту бе мўломўл
ساقی مجلس انعام تو بی مولامول
Ҷомҳо бар кафи умед наад моломол
جام ها بر کف امید نهد مالامال
Молу душман бар ту дайри нпоинди азонк
مال و دشمن بر تو دیر نپایند ازانک
Малики душмани молии вшаҳи душмани мол
ملک دشمن مالی وشه دشمن مال
Ҳамаи шоҳони ҷаҳон аз ту вуҷӯдат хаҷаланд
همه شاهان جهان از تو وجودت خجلند
Ин чаҳ шеваи сет ки шаҳ дорад дар базл навол
این چه شیوه ست که شه دارد در بذل نوال
Ҷамъ моласт ғарази ин дгаронро аз малик
جمع مالست غرض این دگران را از ملک
Малики моро аз малики ғарази бахшиши мол
ملک مارا از ملک غرض بخشش مال
Лоҷарами машриқу мағриби зи ту пари шукр ва саност
لاجرم مشرق و مغرب ز تو پر شکر و ثناست
Ҳосили ин дгарон нест биҷузи визри вўбол
حاصل این دگران نیست بجز وزر ووبال
Ончунон тоза ки табъи ту з бахшиш гардад
آنچنان تازه که طبع تو ز بخشش گردد
Ҷигари ташна ҳамоно нашавад зоби зулол
جگر تشنه همانا نشود زاب زلال
Гоҳи дониш чу хиради нақби зании дрдли ғайб
گاه دانش چو خرد نقب زنی دردل غیب
Гоҳ бахшиш накунӣ фарқи манӣ аз мисқол
گاه بخشش نکنی فرق منی از مثقال
эй ки ҳаргиз набӯд ҳукми ту машғӯли ҷавоб
ای که هرگز نبود حکم تو مشغول جواب
Вай ки ҳаргиз набӯд ҷӯади ту мавқуфи савол
وی که هرگز نبود جود تو موقوف سؤال
Ту бихари мдҳкаҳ аз бими атои он дгарон
تو بخر مدحکه از بیم عطا آن دگران
Номи шеъру шуъаро нек надоранд бФол
نام شعر و شعرا نیک ندارند بفال
Дай чу аз матлаъи худ теғ зад ойӣнаи чарх
دی چو از مطلع خود تیغ زد آیینه چرخ
Талъати шоҳ ҷаҳон дидӣ , ҳам зон минвол
طلعت شاه جهان دیدی، هم زان منوال
Чун баромади бофқ гарм даромад бътоб
چون برآمد بافق گرم درآمد بعتاب
Бо ман аз роҳи маҷорот на аз рӯй ҷидол
با من از راه مجارات نه از روی جدال
Гуфт к-эии шоири шоҳӣ ки ҳаме нозад азу
گفت کای شاعر شاهی که همی نازد ازو
Тоҷу тахти мулкии рост чу ошиқи зўсол
تاج و تخت ملکی راست چو عاشق زوصال
То ту оростаи шеъри болқоби малик
تا تو آراستۀ شعر بالقاب ملک
Ёфтаст аз ту сухани равнақи бозору камол
یافتست از تو سخن رونق بازار و کمال
Шоҳрои одили хуонеи нтўонгФт ки нест
شاهرا عادل خوانی نتوانگفت که نیست
Лекини ин адл буд назд ту ? некӯи бсгол
لیکن این عدل بود نزد تو؟نیکو بسگال
Аўбики лаҳза бтороҷ диҳад бе ҷгарӣ
اوبیک لحظه بتاراج دهد بی جگری
Ончии ман дар дили кон ҷамъ кунам дар ду се сол
آنچه من در دل کان جمع کنم در دو سه سال
Хоки бези фалаками хираи чароғӣ бар даст
خاک بیز فلکم خیره چراغی بر دست
Шуълаи ҷорубаму кони кӣсау гардуни ғарбол
شعله جاروبم و کان کیسه و گردون غربال
Рост чун чанд қуроза баҳам омад инак
راست چون چند قراضه بهم آمد اینک
Ҷўдшаҳ тохтании орад ва бахшад дар ҳол
جودشه تاختنی آرد و بخشد در حال
Охир аз баҳри худо чанд кунам бар дар ӯ
آخر از بهر خدا چند کنم بر در او
Ҳар саҳари гоҳ чу мазлӯми зи коғази србол
هر سحر گاه چو مظلوم ز کاغذ سربال
Гуфтам ӯ рози сахои боз тавон дошт бигуфт ?
گفتم او راز سخا باز توان داشت بگفت؟
Ин чаҳ савдоӣ ғурурасту таманнои маҳол
این چه سودای غرور است و تمنای محال
Абр чун рой ато кард тўонгФт мабор ?
ابر چون رای عطا کرد توانگفت مبار؟
Шох чу нақасд ҳаво кард тўонгФти мбол ?
شاخ چو نقصد هوا کرد توانگفت مبال؟
Ту чаҳ хизмат кунӣ ар зар назанӣ баҳри малик
تو چه خدمت کنی ار زر نزنی بهر ملک
Чу нтўсд машъала дораст бар ин дар бтол
چو نتوصد مشعله دارست بر این در بطال
Макун аишоаҳ ки кони кӣсаи тҳикрд аз ту
مکن ایشاه که کان کیسه تهیکرد از تو
Зар ва симаст ки мебахше на сангу суфол
زر و سیمست که میبخشی نه سنگ و سفال
Кафи кофии ту бо кон чаҳ адоват дорад
کف کافی تو با کان چه عداوت دارد
Ки бикбор баровард азуи истисол
که بیکبار برآورد ازو استیصال
Малик аз бахшиши бсоир агар нест малул
ملک از بخشش بسایر اگر نیست ملول
Бандаро борӣ аз ин беш шудан хост малол
بنده را باری از این بیش شدن خاست ملال
Унсурии кӯ ки ҳмигФт ки Маҳмӯди Карим
عنصری کو که همیگفت که محمود کریم
Гӯи биё аз карам шоҳ бихоҳ астҳлол
گو بیا از کرم شاه بخواه استحلال
Кӯи ғзорӣ ки ҳмикФти бмн фахр кунад
کو غضاری که همیکفت بمن فخر کند
Ҳар ки ӯ бар сари як байтами бинависади қол
هر که او بر سر یک بیتم بنویسد قال
Гӯи биёи шоири шаҳи байн ки ҳаме аз дар шоҳ
گو بیا شاعر شه بین که همی از در شاه
Дар бдомн кашаду зари бмни атласи бҷўол
در بدامن کشد و زر بمن اطلس بجوال
Мураккаби хотири ман дар раҳ андеша гусаст
مرکب خاطر من در ره اندیشه گسست
Дар мдиҳи ту суханро чу фарохаст маҷол
در مدیح تو سخن را چو فراخست مجال
Ғоят ончӣ бидон даст тасарруф нарасад
غایت آنچه بدان دست تصرف نرسد
Дар мдиҳт чу бигӯянд бўдўсФи улҳол
در مدیحت چو بگویند بودوصف الحال
То ҳамеи чеҳраи кушояди маи рӯмии сӯрат
تا همی چهره گشاید مه رومی صورت
То ҳамеи турраи тарозади шаби зангии тимсол
تا همی طره طرازد شب زنگی تمثال
Бод дар қабзаи ҳукми ту Аннани гардун
باد در قبضه حکم تو عنان گردون
Бод бар даргаи ҷӯади ту маҷоли омол
باد بر درگه جود تو مجال آمال
Мурғи инсофи турои гӯии замин дар минқор
مرغ انصاف ترا گوی زمین در منقار
Шери иқболи турои ҷони аду дар чангол
شیر اقبال ترا جان عدو در چنگال