Бози марои ишқ гиребон гирифт

باز مرا عشق گریبان گرفت

Бози дилами доман ҷонон гирифт

باز دلم دامن جانان گرفت

Ишқ батон офати ҷон ва диласт

عشق بتان آفت جان و دلست

Вой барои кӯи пай эшон гирифт

وای بر او کو پی ایشان گرفت

Сарв бидид он қад ва ҳайрон бимонад

سرو بدید آن قد و حیران بماند

Моҳ бидид он рух ва нуқсон гирифт

ماه بدید آن رخ و نقصان گرفت

Гуфтам агар дили бабрад бок нест

گفتم اگر دل ببرد باک نیست

Оҳ ки дили бараду пай ҷон гирифт

آه که دل برد و پی جان گرفت

Бок надорад зи сари зулф ӯ

باک ندارد ز سر زلف او

Дил чу раҳи он лаб хандон гирифт

دل چو ره آن لب خندان گرفت

Каз зулмот инч наяндешад он

کز ظلمات ایچ نیندیشد آن

Каши ҳаваси чашма ҳайвон гирифт

کش هوس چشمه حیوان گرفت

Гуфтам мардуми зи ғам ишқ гуфт

گفتم مردم ز غم عشق گفت

Мотамӣ аз беҳтар ту натавон гирифт

ماتمی از بهر تو نتوان گرفت

Қисса чаҳ хонам бмн он кард дӯст

قصه چه خوانم بمن آن کرد دوست

Ки душмани ангушт бдндон гирифт

دشمن، انگشت به دندان گرفت