Бардоштем дили зи умедӣ ки доштем
برداشتیم دل ز امیدی که داشتیم
Бар барнадоштем зи тухмӣ ки коштем
بر برنداشتیم ز تخمی که کاشتیم
Онхўд чаҳ рӯз буд ки дар васл мегузашт
آنخود چه روز بود که در وصل میگذشت
Ваон худ чаҳ айш буд ки мо мегузоштем
وان خود چه عیش بود که ما میگذاشتیم
Он рӯзгор рафт ки дар давлати висол
آن روزگار رفت که در دولت وصال
Сари зоФтобу моҳи ҳамеи брФроштим
سر زافتاب و ماه همی برفراشتیم
Ва акнӯн ки ҳаст майли ту аз мо бадӣгарӣ
و اکنون که هست میل تو از ما بدیگری
Ботил шуд он ҳисобу бехи брнгоштим
باطل شد آن حساب و بیخ برنگاشتیم
Ту бо ҳарифи хеш бшодӣ нишин ки мо
تو با حریف خویش بشادی نشین که ما
Тан дар задему сабри бадали бргмоштим
تن در زدیم و صبر بدل برگماشتیم
Онгаҳ ки баргузедии моро здигрон
آنگه که برگزیدی ما را زدیگران
Мо мотами вуҷӯди худ он рӯз доштем
ما ماتم وجود خود آن روز داشتیم
Брбўди рӯзгори бқҳр аз бар миннат
بربود روزگار بقهر از بر منت
Ореи зи рӯзгори ҳамин чашм доштем
آری ز روزگار همین چشم داشتیم