Бо ман охири снмои ҷанг чаро бояд дошт

با من آخر صنما جنگ چرا باید داشت

Вази миннати биҳдаҳи дили танг чаро бояд дошт

وز منت بیهده دل تنگ چرا باید داشت

Бо адуи мардумӣу васл чаро бояд кард

با عدو مردمی و وصل چرا باید کرد

Бо ман ин арбадау ҷанг чаро бояд дошт

با من این عربده و جنگ چرا باید داشت

Гар кунӣ сӯии ман оҳанг раво нест ва лек

گر کنی سوی من آهنگ روا نیست و لیک

Ббди андеши ман оҳанг чаро бояд дошт

ببد اندیش من آهنگ چرا باید داشت

Ман босҳоби тазаллуми бадари нусрати дайн

من باصحاب تظلم بدر نصرت دین

Зада дар домани ту чанг чаро бояд дошт

زده در دامن تو چنگ چرا باید داشت

Он худованд ки иқболи фалак банда ӯст

آن خداوند که اقبال فلک بنده اوست

Пайкари ҳодиса аз пой дар афканда ӯст

پیکر حادثه از پای در افکنده اوست

Снмои дили зи ту маҳҷӯр нахоҳам кардан

صنما دل ز تو مهجور نخواهم کردن

Ҷони зи ҳиҷрони ту рнҷў нахоҳам кардан

جان ز هجران تو رنجو نخواهم کردن

Ҳар ки маҳҷӯр шуд аз ҷаври тўмаҳ ҷавр надошт

هر که مهجور شد از جور تومه جور نداشت

Пас дил аз рӯй ту маҳҷӯр нахоҳам кардан

پس دل از روی تو مهجور نخواهم کردن

Дилу ҷонро ки заҳри чиз гиронмоя тараст

دل و جانرا که زهر چیز گرانمایه ترست

Ҷуз бар андӯҳи ту мқсўр нахоҳам кардан

جز بر اندوه تو مقصور نخواهم کردن

Хештани ҷуз бо ёдии ълоءи давлат

خویشتن جز با یادی علاء دولت

Бар сафи ҳиҷри ту Мансур нахоҳам кардан

بر صف هجر تو منصور نخواهم کردن

Он худованд каз ӯ рӯз залолат сияҳаст

آن خداوند کز او روز ضلالت سیهست

Хусрав то ҷаврони онкии з ҷамшед бааст

خسرو تا جوران آنکه ز جمشید بهست

Хсрўои ҷуз бар ту бори маро хуш набӯд

خسروا جز بر تو بار مرا خوش نبود

Ҷузи санои ту дигар кори маро хуш набӯд

جز ثنای تو دگر کار مرا خوش نبود

Хӯрда шуд бодаи бФрмони ту якбор ва лек

خورده شد باده بفرمان تو یکبار و لیک

Хӯрдани бода дигар бори маро хуш набӯд

خوردن باده دگر بار مرا خوش نبود

Хӯрдани ончии тан ман шавад аз хӯрдан он

خوردن آنچه تن من شود از خوردن آن

Дар хури таънаи ағёри маро хуш набӯд

در خور طعنه اغیار مرا خوش نبود

Мастии хориҷ аз андоза ки бар бод диҳад

مستی خارج از اندازه که بر باد دهد

Музеии ваҷабау дастори маро хуш набӯд

موزه وجبه و دستار مرا خوش نبود

Чун шавад ъдти паймони ту андак бар ман

چون شود عدت پیمان تو اندک بر من

Зин сипас ъдт бисёр маро хуш набӯд

زین سپس عدت بسیار مرا خوش نبود

Ҳар ки ӯ бандаи ин ҳазрат воло гардад

هر که او بنده این حضرت والا گردد

Ҳамчуи ман соҳиби сад неъмат ва оло гардад

همچو من صاحب صد نعمت و آلا گردد

Фасли наврӯзи турои хурраму афрӯхтаи бод

فصل نوروز ترا خرم و افروخته باد

Чашми бад аз ту ва аз ҷоҳи ту брдўхтаҳи бод

چشم بد از تو و از جاه تو بردوخته باد

Соқии базми ту наргис шуда бо заррини ҷом

ساقی بزم تو نرگس شده با زرین جام

Вази атоҳои тўأши тоҷи зари андӯхтаи бод

وز عطاهای توأش تاج زر اندوخته باد

Чун рухи гули ҳамаи корўлити сохтаи бод

چون رخ گل همه کارولیت ساخته باد

Чўндли лолаи ҳамаи душмани ту сӯхтаи бод

چوندل لاله همه دشمن تو سوخته باد

Ҳар нўоӣӣ ки занад булбул бар шох кунун

هر نوائی که زند بلبل بر شاخ کنون

Ҳама дар мадҳ ва саноҳои ту омӯхта бод

همه در مدح و ثناهای تو آموخته باد

Тобнўрўз шавад хурраму афрӯхтаи боғ

تابنوروز شود خرم و افروخته باغ

Маҷлиси базми бтўи хурраму афрӯхтаи бод

مجلس بزم بتو خرم و افروخته باد