Мустафо гуфт ҳар ки кард инфоқ

مصطفی گفت هر که کرد انفاق

Бабради музди хеши явми тлоқ

ببرد مزد خویش یوم تلاق

Магари он ҳарзаи кор бе ҳосил

مگر آن هرزه کار بی حاصل

Ки кунад саъй дар иморати гул

که کند سعی در عمارت گل

Ҳар чаҳ созад дар обу хоки талаф

هر چه سازد در آب و خاک تلف

Ноидш зон ба ғайри бод ба каф

نایدش زان به غیر باد به کف

Гар ту гӯйӣ касе ки дастрасӣ

گر تو گویی کسی که دسترسی

Ёфт , созад баннои хайри басӣ

یافت، سازد بنای خیر بسی

Хонақоҳу работу масҷиду пул

خانقاه و رباط و مسجد و پل

Биркау ҳавз бар ммру сбл

برکه و حوض بر ممر و سبل

Чун буд қасдаш аз риёи мунфак

چون بود قصدش از ریا منفک

Музд ёбад бар он амал бе шак

مزد یابد بر آن عمل بی شک

Гӯям оре вале ба ваҷҳи ҷавоб

گویم آری ولی به وجه جواب

Бо ту гӯям дақиқа Эй дарёб

با تو گویم دقیقه ای دریاب

Қиблаи гоҳи таваҷҷуҳоти ҳамм

قبله گاه توجهات همم

Бар ду гӯнааст дар ҷамеъ амам

بر دو گونه است در جمیع امم

ё ҳФўзи нишемани гулу об

یا حفوظ نشیمن گل و آب

ё ҳзўзи риёзи ҳасани моб

یا حظوظ ریاض حسن ماب

Ҳар ки мехоҳад аз иморати гул

هر که می خواهد از عمارت گل

Фсҳти дору нузҳати манзил

فسحت دار و نزهت منزل

ё тафохури миёнаи ақрон

یا تفاخر میانه اقران

Ки банно кард масҷидии вайрон

که بنا کرد مسجدی ویران

Чун ба ихлоси ҳиммати омил

چون به اخلاص همت عامل

Мутаҷовиз нашуд зи олами гул

متجاوز نشد ز عالم گل

НФқотш дар обу гули мавзӯ

نفقاتش در آب و گل موضوع

Монад ва ӯ зи аҷр ӯ мақтӯъ

ماند و او ز اجر او مقطوع

Балки дар ҳаҷу умрау салавот

بلکه در حج و عمره و صلوات

Чун буд баҳри оҷилати нФқот

چون بود بهر عاجلت نفقات

Ҳама монад дар обу гули марҳӯн

همه ماند در آب و گل مرهون

Надиҳади аҷри сонеъи бичўн

ندهد اجر صانع بیچون

Ҳар киро аз иморати гулу об

هر که را از عمارت گل و آب

Ҳаст мақсӯди касби қурбу савоб

هست مقصود کسب قرب و ثواب

Чун з гул даргузашт ҳиммати вай

چون ز گل درگذشت همت وی

НФотш ҳаме равад дар пай

نفاتش همی رود در پی

НФқотш чу қатъ кард ин роҳ

نفقاتش چو قطع کرد این راه

Ъндкм буд гашти ъндоллаҳ

عندکم بود گشت عندالله