Шоҳи рӯзӣ ба иттифоқи шикор

شاه روزی به اتفاق شکار

Хайма бар беша зад зи шаҳру диёр

خیمه بر بیشه زد ز شهر و دیار

Зонка ҷуз дар шикор натавон кард

زانکه جز در شکار نتوان کرد

Варзиши корзору ҷангу набард

ورزش کارزار و جنگ و نبرد

Кори арбоби малик бозӣ нест

کار ارباب ملک بازی نیست

Бозии ойин сарфарозӣ нест

بازی آیین سرفرازی نیست

Шуғли аҳли хирад на лаҳв буд

شغل اهل خرد نه لهو بود

Вар буд саҳл балки саҳв буд

ور بود سهل بلکه سهو بود

Шарзаи ширии зи беша ғарра кашид

شرزه شیری ز بیشه غره کشید

Ки ялонро зи бим Зуҳра дарид

که یلان را ز بیم زهره درید

Омад ва бар канор беша нишаст

آمد و بر کنار بیشه نشست

Бар ҳамаи раҳгузор беша бибаст

بر همه رهگذار بیشه ببست

Шоҳи гуфто ки вақт шуд бе шак

شاه گفتا که وقت شد بی شک

Ки занами он ду нақдро ба маҳак

که زنم آن دو نقد را به محک

Симу зар то ниўФтд ба гудоз

سیم و زر تا نیوفتد به گداز

Сира аз қалб кӣ шавад мумтоз

سره از قلب کی شود ممتاز

Ҳар дуро пеш хонду пеши нишонд

هر دو را پیش خواند و پیش نشاند

Сухани шери пеш эшон ронад

سخن شیر پیش ایشان راند

Гуфт хезед ва созкор кунед

گفت خیزید و سازکار کنید

Бо ваии оҳанг корзор кунед

با وی آهنگ کارزار کنید