Гуфт аъёни ҳамаи сифоти маро
گفت اعیان همه صفات مرا
Сӯратанду шуъӯни зоти маро
صورتند و شئون ذات مرا
Ваон сифоту шуъӯни мазкӯра
وان صفات و شئون مذکوره
Сувари зоту зоти зўолсўраҳ
صور ذات و ذات ذوالصوره
Нест зўолсўраҳро тағайюри ҳол
نیست ذوالصوره را تغیر حال
Дар сувари ҳам нуфӯзи ҷаъли маҳол
در صور هم نفوذ جعل محال
Сӯрати он сувар ки аъёнанд
صورت آن صور که اعیانند
Ҳам бидон сирату бдонсоннд
هم بدان سیرت و بدانسانند
Ихтилофӣ ки дар сифоту шуъӯн
اختلافی که در صفات و شئون
Буд дар мустақари ъзи бутун
بود در مستقر عز بطون
Гашт дар айни ин ва он сорӣ
گشت در عین این و آن ساری
Ғайри он чун шавад дигар торӣ
غیر آن چون شود دگر طاری
Кӣ диҳад дасти ҷаъли ҷоъил ро
کی دهد دست جعل جاعل را
Ки мувофиқ кунад қўобл ро
که موافق کند قوابل را