Пас писар гуфт аиҳоолъорФ

پس پسر گفت ایهاالعارف

Аз мақомоти ошиқии воқиф

از مقامات عاشقی واقف

Чун ба ман майли ботин ту намонад

چون به من میل باطن تو نماند

Пеши ман зоҳири туро чаҳ нишонд

پیش من ظاهر تو را چه نشاند

Чун зи ман давр метуоне зист

چون ز من دور می توانی زیست

Назд ман ҳар дам омадан пай чист

نزد من هر دم آمدن پی چیست

Гуфт ориф ки эй ҷавони салим

گفت عارف که ای جوان سلیم

Нест дастури миҳмони Карим

نیست دستور میهمان کریم

Ки з хӯрдан чу дил бипардозад

که ز خوردن چو دل بپردازد

Мизбонро здл биндозад

میزبان را زدل بیندازد

Бадаради суфра бишиканад хон ро

بدرد سفره بشکند خوان را

Бар замини афканди намакдон ро

بر زمین افکند نمکدان را

ё чу аз нақл ва бода гирад ком

یا چو از نقل و باده گیرد کام

Афканди санг бар тибқ ё ҷом

افکند سنگ بر طبق یا جام

Балки таъзими ончӣ восита аст

بلکه تعظیم آنچه واسطه است

Дар вусӯли мурод робита аст

در وصول مراد رابطه است

Ҳаст дар кеши ҳақи шиносони фарз

هست در کیش حق شناسان فرض

Балки дар зиммаи карямони қарз

بلکه در ذمه کریمان قرض