Маънии ҳайрат ар шавад мақсум
معنی حیرت ار شود مقسوم
Ғайр Маҳмӯд нест ё мазмум
غیر محمود نیست یا مذموم
Онаст мазмум каз шкўку шабаҳ
آنست مذموم کز شکوک و شبه
Баста гардад ба сӯии мақсади раҳ
بسته گردد به سوی مقصد ره
Ҳаст дар роҳи саъйу кӯии талаб
هست در راه سعی و کوی طلب
Шарти аввали тааюни матлаб
شرط اول تعین مطلب
Виҷҳаи қасд ношудаи мумтоз
وجهه قصد ناشده ممتاز
Тоири саъй чун кунад парвоз
طایر سعی چون کند پرواز
Дар биёбони ду раҳ чу пеш ояд
در بیابان دو ره چو پیش آید
Ки яке зон ду каъбаро шояд
که یکی زان دو کعبه را شاید
То ба таъйин ндонӣ он раҳ ро
تا به تعیین ندانی آن ره را
Кӣ баридан туоне он раҳ ро
کی بریدن توانی آن ره را
Лек таъйини раҳ ба ҷузаму яқин
لیک تعیین ره به جزم و یقین
Ки на шакро шӯии раҳе ва раҳин
که نه شک را شوی رهی و رهین
Ба Имороти ақли дону ҳавос
به امارات عقل دان و حواس
ё ба тақлиди марди роҳи шинос
یا به تقلید مرد راه شناس
ё ба илҳому кашфи раббонӣ
یا به الهام و کشف ربانی
Ки мари онро хилоф натавонӣ
که مر آن را خلاف نتوانی
Гар набошад яке азин се далел
گر نباشد یکی ازین سه دلیل
Бози Монии зи роҳи хору залил
باز مانی ز راه خوار و ذلیل
Раҳ занад бар ту ғӯли ҳайронӣ
ره زند بر تو غول حیرانی
Балки ғӯлӣ шӯй биёбоне
بلکه غولی شوی بیابانی
Чун туро сари ҳайрати мазмум
چون تو را سر حیرت مذموم
Шуд ба тафсили азин сухани маълум
شد به تفصیل ازین سخن معلوم
Он буд шаръи ҳайрати Маҳмӯд
آن بود شرع حیرت محمود
Ки кашии бурқаъ аз рухи мақсӯд
که کشی برقع از رخ مقصود
Лмъоти ҷамоли қудси қадам
لمعات جمال قدس قدم
Бар ту тобади зи авҷи фазлу карам
بر تو تابد ز اوج فضل و کرم
Ҳар замони лмъаҳ дигар бинӣ
هر زمان لمعه دگر بینی
Ҳар нафаси мива дигар чинӣ
هر نفس میوه دگر چینی
Созадат астломи он лмъот
سازدت اصطلام آن لمعات
Фориғ аз мубдиъоту мухтареъот
فارغ از مبدعات و مخترعات
Хӯрду хобати тамоми брбоинд
خورد و خوابت تمام بربایند
Бар ту дарҳои файз бигушоӣанд
بر تو درهای فیض بگشایند
Гуми шӯии ҷовдон з ҳастӣ хеш
گم شوی جاودان ز هستی خویش
Содаи гардии зи худ парастии хеш
ساده گردی ز خود پرستی خویش
Сад бад ва нек бугзарад ба сарат
صد بد و نیک بگذرد به سرت
Ки набошад зи хештани хабарат
که نباشد ز خویشتن خبرت