Мътмри номи меҳтарии зи араб
معتمر نام مهتری ز عرب
Рафт то равзаи набии як шаб
رفت تا روضه نبی یک شب
Рӯ дар он қибла дуо оварад
رو در آن قبله دعا آورد
Адаби бандагӣ баҷо оварад
ادب بندگی بجا آورد
Сохт болини зи остони ниёз
ساخت بالین ز آستان نیاز
Гӯш биниҳод бар нишемани роз
گوش بنهاد بر نشیمن راز
Ногуҳ омад ба гӯшаши овозӣ
ناگه آمد به گوشش آوازی
Ки ҳаме гуфт ғуссаи пардозӣ
که همی گفت غصه پردازی
К-эии дили имшаби туро чаҳ андӯҳ аст
کای دل امشب تو را چه اندوه است
Вена чаҳ бори гаронтар аз кӯҳ аст
وین چه بار گرانتر از کوه است
Мурғӣ аз тарафи боғ нола кашид
مرغی از طرف باغ ناله کشید
Бар ту доғӣ ба сон лола кашид
بر تو داغی به سان لاله کشید
Вондри ин тираи шаби зи нолаи зор
واندر این تیره شب ز ناله زار
Сохт аз хоби хуши туро бедор
ساخت از خواب خوش تو را بیدار
ё на ёрии дарин шаби торик
یا نه یاری درین شب تاریک
Аз буруни даври вази даруни наздик
از برون دور وز درون نزدیک
Бар ту дарҳои имтиҳон багушӯд
بر تو درهای امتحان بگشود
Хобат аз чашм хӯн фишон брбўд
خوابت از چشم خون فشان بربود
Басти ҳиҷраши камар ба кӣнаи ту ро
بست هجرش کمر به کینه تو را
Санг ғам зад бар обгинаи ту ро
سنگ غم زد بر آبگینه تو را
Чаҳ шабаст ин чу зулфи ёри дароз
چه شب است این چو زلف یار دراز
Чашми ман ношуда ба хоби фароз
چشم من ناشده به خواب فراز
Қӣри шаби қайди пой анҷум шуд
قیر شب قید پای انجم شد
Меҳрро роҳ омадан гум шуд
مهر را راه آمدن گم شد
Дар нафиру фиғони забони ҷарас
در نفیر و فغان زبان جرس
Танг бар субҳдами маҷоли нафас
تنگ بر صبحدم مجال نفس
Дасти даврони даридаи пардаи кӯс
دست دوران دریده پرده کوس
Теғи гардуни бурӣда ноӣ хурӯс
تیغ گردون بریده نای خروس
Чун муаззини раҳи минораи супурд
چون مؤذن ره مناره سپرد
Гӯйӣ афтод азон ба гардани хирад
گویی افتاد ازان به گردن خرد
Каш наёяд зи ҳалқаи ҳулқум
کش نیاید ز حلقه حلقوم
Бонг ё ҳии садоӣ ё қиўм
بانگ یا حی صدای یا قیوم
Ин на шаб ҳаст аждаҳои сиёҳ
این نه شب هست اژدهای سیاه
Ки кунад бо ҳазор дидаи нигоҳ
که کند با هزار دیده نگاه
То ба дами дркшди ғарибӣ ро
تا به دم درکشد غریبی را
ё занад захм бенасибӣ ро
یا زند زخم بی نصیبی را
Манам акнӯну ҷонии озурда
منم اکنون و جانی آزرده
Зу ду сад захм бар ҷигари хӯрда
زو دو صد زخم بر جگر خورده
Захм ӯ ҷои дарун ҷон дорад
زخم او جا درون جان دارد
Гар кунам нолаи ҷой он дорад
گر کنم ناله جای آن دارد
Кӯи рафиқӣ ки башнавад розам
کو رفیقی که بشنود رازم
Вондри ин шаб шавад ҳмоўозм
واندر این شب شود همآوازم
Кӯи шафиқӣ ки бингарад ҳолам
کو شفیقی که بنگرد حالم
Каз ҷудоӣ чигуна май нолам
کز جدایی چگونه می نالم
зи оташи ғам чу мӯии печонам
ز آتش غم چو موی پیچانم
Мӯии печону мӯр бе ҷонам
موی پیچان و مور بی جانم
Ҳаст ночори пеши фарзона
هست ناچار پیش فرزانه
Мӯиро шонаи мӯрро дона
موی را شانه مور را دانه
Агарам шонаи ҳамчуи мӯ ҳавас аст
اگرم شانه همچو مو هوس است
Шонаам фарқи шохи шох бас аст
شانه ام فرق شاخ شاخ بس است
Донагар боядам чу мӯри нижанд
دانه گر بایدم چو مور نژند
Бошудам ашки дона дона басанд
باشدم اشک دانه دانه بسند
Моҳи гардун буд гўо ки чунин
ماه گردون بود گوا که چنین
Нола зон мекунам ки моҳи замин
ناله زان می کنم که ماه زمین
Чеҳра аз ман чу моҳ тофта аст
چهره از من چو ماه تافته است
Теғи меҳраши дилам шикофта аст
تیغ مهرش دلم شکافته است
Ҳаргизи инам гумон набӯд ба хеш
هرگز اینم گمان نبود به خویش
Коедам инчунин балоеи пеш
کایدم اینچنین بلایی پیش
Рехт бар сари балои даҳри маро
ریخت بر سر بلای دهر مرا
Дод ноозмудаи заҳри маро
داد ناآزموده زهر مرا
Ҳар ки ноозмуда заҳр хӯрд
هر که ناآزموده زهر خورد
Чаҳ аҷабгар раҳи аҷали супурд
چه عجب گر ره اجل سپرد
Чун бдинҷои расонади нолаи хеш
چون بدینجا رساند ناله خویش
Кард бо хомшии ҳаволаи хеш
کرد با خامشی حواله خویش
Оташ ӯ дарин таронаи Фсрд
آتش او درین ترانه فسرد
Шуд хамӯш ончунон ки гӯйии мард
شد خموش آنچنان که گویی مرد