Сарсари маргро бибин чаҳ фан аст

صرصر مرگ را ببین چه فن است

Сари шикан бех кун самар фикан аст

سر شکن بیخ کن ثمر فکن است

Шохи пайвандҳо шикаста ӯст

شاخ پیوندها شکسته اوست

Бехи умедҳо гусаста ӯст

بیخ امیدها گسسته اوست

Вай фиканда сети азин дарахти баланд

وی فکنده ست ازین درخت بلند

Миваи норасидаи фарзанд

میوه نارسیده فرزند

Чанд кардан ба ҳавлу қӯти фахр

چند کردن به حول و قوت فخر

Ксмўди аллазӣнаи ҷобўои алсхр

کثمود الذین جابوا الصخر

Рӯ ба қуръон бихон ки бод чаҳ кард

رو به قرآن بخوان که باد چه کرد

ё ҷунуди самуду од чаҳ кард

یا جنود ثمود و عاد چه کرد

Дасти бугсали зи нақлу бодау ҷом

دست بگسل ز نقل و باده و جام

Ёд кун зон ки риздт дар ком

یاد کن زان که ریزدت در کام

Соқии марги ҷоми талхи мазоқ

ساقی مرگ جام تلخ مذاق

Ҳайни илтФи соқкми болсоқ

حین یلتف ساقکم بالساق

Пеш аз он дам ки бар сари бистар

پیش از آن دم که بر سر بستر

Пичдти пойҳо ба якдигар

پیچدت پایها به یکدیگر

Пои азин тангнои берун на

پای ازین تنگنای بیرون نه

Рахти азин тираи ҷои берун на

رخت ازین تیره جای بیرون نه

Он буд пои бурун ниҳодан ту

آن بود پا برون نهادن تو

Рахт аз ӣнҷои бурун ниҳодан ту

رخت از اینجا برون نهادن تو

Ки бабрии зи ғайри ҳақи пайванд

که ببری ز غیر حق پیوند

Наҳй аз бндгиш бар худ банд

نهی از بندگیش بر خود بند

?илами марги қатъ пайванд аст

الم مرگ قطع پیوند است

Зончаҳ акнӯн дилат ба он банд аст

زانچه اکنون دلت به آن بند است

Бандҳоро чу бугсалии имрӯз

بندها را چو بگسلی امروز

Ба ҳамин қатъу аслии имрӯз

به همین قطع و اصلی امروز

Чун бимирии зи хеши пеш аз марг

چون بمیری ز خویش پیش از مرگ

Нахурӣ захми неш беш аз марг

نخوری زخم نیش بیش از مرگ