Дид пӯри умр ба чашми хаёл

دید پور عمر به چشم خیال

Мари умрро пас аз дувоздаҳ сол

مر عمر را پس از دوازده سال

Гуфт бобои туро чаҳ ҳол афтод

گفت بابا تو را چه حال افتاد

Ки зи ҳол миннат наомад ёд

که ز حال منت نیامد یاد

Гуфт аз вақти марг то имрӯз

گفت از وقت مرگ تا امروز

Ҳолатии доштами аҷаби ҷонсӯз

حالتی داشتم عجب جانسوز

Аз саволи мазолими мардум

از سؤال مظالم مردم

Даст ва по карда буд ақлами гум

دست و پا کرده بود عقلم گم

Пой мешайъ шикаст дар Бағдод

پای میشی شکست در بغداد

Дар пулии сахти суст ва бе бунёд

در پلی سخت سست و بی بنیاد

Ҳеҷ визрӣ на зон ба гардани ман

هیچ وزری نه زان به گردن من

Соҳибаш даст зад ба домани ман

صاحبش دست زد به دامن من

Ки чаро аз иморати он пул

که چرا از عمارت آن پل

Доштӣ даст эй Халифаи кул

داشتی دست ای خلیفه کل

То дар он тангнои ҳодисаи зой

تا در آن تنگنای حادثه زای

Рафт аз дасти бизбонии пой

رفت از دست بیزبانی پای

Буд қоими чунон ба адли умр

بود قایم چنان به عدل عمر

Ки шуд андари ҷаҳон ба адли смр

که شد اندر جهان به عدل سمر

Адл ӯ рӯй дар ниҳоят кард

عدل او روی در نهایت کرد

То ки дар ном ӯ сироят кард

تا که در نام او سرایت کرد

Номаш аз адл чун мукаммал шуд

نامش از عدل چون مکمل شد

Каср дар вай ба фатҳ мубаддил шуд

کسر در وی به فتح مبدل شد

Лашкараш зон зи касри пушти надод

لشکرش زان ز کسر پشت نداد

Шуд муваффақ ба фатҳи ҷумлаи билод

شد موفق به فتح جمله بلاد

Бо чунин адл чун муҳосиби гашт

با چنین عدل چون محاسب گشت

Бингар то чаҳ ҳади мъотби гашт

بنگر تا چه حد معاتب گشت

Он ки адлаши зи зулм холӣ нест

آن که عدلش ز ظلم خالی نیست

Номаш аз наъти адл олӣ нест

نامش از نعت عدل عالی نیست

Балки ҷузи роҳи зулм кам супурд

بلکه جز راه ظلم کم سپرد

Ҳоли фардоӣ ӯ чаҳ сон гузарад

حال فردای او چه سان گذرد