Пӯри касрӣ ки дошт ҳурмузи ном

پور کسری که داشت هرمز نام

Дил ба адлаши гирифта буд ором

دل به عدلش گرفته بود آرام

Чун бурун омадӣ зи шаҳри сипоҳ

چون برون آمدی ز شهر سپاه

Ин мунодӣ задӣ ба ҳар сари роҳ

این منادی زدی به هر سر راه

Ки ъноўн дар каф ҳавас манеҳед

که عناون در کف هوس منهید

Пой дар киштзор кас манеҳед

پای در کشتزار کس منهید

Фии алмисл ҳар ки хӯша Эй шаканд

فی المثل هر که خوشه ای شکند

Пари коҳии зи хирмании бикунад

پر کاهی ز خرمنی بکند

Ҳамчуи хӯша ба тири дўзндш

همچو خوشه به تیر دوزندش

Хирман аз барқ теғ сӯзандаш

خرمن از برق تیغ سوزندش

Аз қазои он ки нойиби писараш

از قضا آن که نایب پسرش

Будӣу роҳбар ба хайру шараш

بودی و راهبر به خیر و شرش

Рӯзӣ аз ҳамраҳе султон монад

روزی از همرهی سلطان ماند

Асб дар киштзор деҳқон ронад

اسب در کشتزار دهقان راند

Зини хиёнати хабар ба шоҳ расед

زین خیانت خبر به شاه رسید

Ба сёстгриш гӯш бурид

به سیاستگریش گوش برید

Яъне он кас ки гӯш бар мо нест

یعنی آن کس که گوش بر ما نیست

Ба мунодии моаш парво нест

به منادی ماش پروا نیست

Баҳри ибрат гирифтан киу ма

بهر عبرت گرفتن که و مه

Гӯш агар бар сараш набошад ба

گوش اگر بر سرش نباشد به

Баъд азон гуфт то кашад зи эҳсон

بعد ازان گفت تا کشد ز احسان

Писар ӯ ғаромати деҳқон

پسر او غرامت دهقان

Ҳамчунин аз сипоҳ ӯ дгарӣ

همچنین از سپاه او دگری

Пеши шоҳу сипоҳи муътабарӣ

پیش شاه و سپاه معتبری

Бар канори рузӣ гузар ме кард

بر کنار رزی گذر می کرد

Ба тамошои руз назар ме кард

به تماشای رز نظر می کرد

Ногуҳ аз паҳлуяши ҷнибти ҷуст

ناگه از پهلویش جنیبت جست

Хӯшаи ғӯрае зи токи шикаст

خوشه غوره ای ز تاک شکست

Соҳиб боғ барграфт фиғон

صاحب باغ برگرفت فغان

К-эй барофтода аз ту кеши Муғон

کای برافتاده از تو کیش مغان

Асли дайни Муғон кам озорист

اصل دین مغان کم آزاریست

Ҷустии озорами ин чаҳ диндорӣаст

جستی آزارم این چه دینداریست

Май рӯм эй ба дайни худ ду дила

می روم ای به دین خود دو دله

То кунам аз ту пеши шоҳи гила

تا کنم از تو پیش شاه گله

Зу сипоҳӣ чу ном шаҳ бишунид

زو سپاهی چو نام شه بشنید

Зуҳра ӯ зи бим шаҳ бадаред

زهره او ز بیم شه بدرید

Камарӣ дошт бар миён аз зар

کمری داشت بر میان از زر

Гардиши овезаи хӯшаҳои гуҳар

گردش آویزه خوشه های گهر

Даст зад ваон камар равон бикшод

دست زد وان کمر روان بگشاد

Пеши он мард боғбон биниҳод

پیش آن مرد باغبان بنهاد

Ки ба товони хӯшае ки шикаст

که به تاوان خوشه ای که شکست

Байн ки додам чаҳ хӯшаи ҳот ба даст

بین که دادم چه خوشه هات به دست

Агар он буд хӯшаи ангур

اگر آن بود خوشه انگور

Бошад инҳо зи гавҳари мансур

باشد اینها ز گوهر منثور

Раги ҷонами зи тани гусехтаи гир

رگ جانم ز تن گسیخته گیر

Хӯнам аз теғи шоҳи рехтаи гир

خونم از تیغ شاه ریخته گیر