Буд ҳамчун буми зоғии рӯзи кӯр

بود همچون بوم زاغی روز کور

Ҷои гирифта бар лаби дарёии шӯр

جا گرفته بر لب دریای شور

Будӣ аз дарёии шӯри обишхураш

بودی از دریای شور آبشخورش

Додӣ он шӯробаи таъми шукраш

دادی آن شورابه طعم شکرش

Аз қазои мурғии ҳўосли ном ӯ

از قضا مرغی حواصل نام او

Ҳавсилаи сари чашмаи анъом ӯ

حوصله سر چشمه انعام او

Сояи давлат ба фарқ ӯ фиканд

سایه دولت به فرق او فکند

Номдши шӯробаи дарёи писанд

نامدش شورابه دریا پسند

Гуфт пеши ой эй зи шурӣ дар гила

گفت پیش آی ای ز شوری در گله

Коби ширинати даҳум аз ҳавсила

کآب شیرینت دهم از حوصله

Гуфт тарсами коби ширин чун чашм

گفت ترسم کآب شیرین چون چشم

Таъми об шӯр гардад нохўшм

طعم آب شور گردد ناخوشم

Зоби ширини монам ва бошад нФўр

زآب شیرین مانم و باشد نفور

Табъи ман зи обишхури дарёии шӯр

طبع من ز آبشخور دریای شور

Бар лаб дарё нишаста рӯзу шаб

بر لب دریا نشسته روز و شب

Дар миён ҳар ду монами ташнаи лаб

در میان هر دو مانم تشنه لب

Ба ки созами ҳам ба оби шӯри хеш

به که سازم هم به آب شور خویش

То наёяд ранҷ бе обем пеш

تا نیاید رنج بی آبیم پیش