Пўръмрон ба дилии ғарқаи нур

پورعمران به دلی غرقه نور

намешуд аз баҳри муноҷот ба тавр

می شد از بهر مناجات به طور

Дид дар роҳи сари даврон ро

دید در راه سر دوران را

Қоиди лашкари маҳҷӯрон ро

قاید لشکر مهجوران را

Гуфт каз саҷдаи одами з чаҳ рӯй

گفت کز سجده آدم ز چه روی

Тофтӣ рӯй ризо рост бигӯӣ

تافتی روی رضا راست بگوی

Гуфт ошиқ ки буд комили сайр

گفت عاشق که بود کامل سیر

Пеши ҷонони набарди саҷдаи ғайр

پیش جانان نبرد سجده غیر

Гуфт Мӯсо ки ба фармӯдаи дӯст

گفت موسی که به فرموده دوست

Сар наад ҳар ки ба ҷон банда ӯст

سر نهد هر که به جان بنده اوست

Гуфт мақсӯд азон гуфту шунӯд

گفت مقصود ازان گفت و شنود

Имтиҳон буд муҳибро на суҷуд

امتحان بود محب را نه سجود

Гуфт Мӯсо ки агар ҳол ин аст

گفت موسی که اگر حال این است

Лаъну таъни ту чароаш ойин аст

لعن و طعن تو چراش آیین است

Бар ту чун аз ғазаби султонӣ

بر تو چون از غضب سلطانی

Шуд либоси мулкии шайтонӣ

شد لباس ملکی شیطانی

Гуфт кин ҳар ду сифат ориятанд

گفت کین هر دو صفت عاریتند

Монда аз зот ба як ноҳитнд

مانده از ذات به یک ناحیتند

Гар бияёд сад азин ё баравад

گر بیاید صد ازین یا برود

Ҳоли зотам мутағаййир нашавад

حال ذاتم متغیر نشود

Зоти ман бар сифат хештан аст

ذات من بر صفت خویشتن است

Ишқ ӯ лозимаи зот ман аст

عشق او لازمه ذات من است

Токунӯн ишқи ман омехта буд

تاکنون عشق من آمیخته بود

Дар арзҳои ман овехта буд

در عرضهای من آویخته بود

Дошт бахти сияҳу рӯзи сифед

داشت بخت سیه و روز سفید

Ҳар дамами дастхуши биму умед

هر دمم دستخوش بیم و امید

Ин дам аз кашмакаши он рустам

این دم از کشمکش آن رستم

Пас зонуӣ вафо бинишастам

پس زانوی وفا بنشستم

Лутфу қаҳрами ҳамаи икрнг шудаи сет

لطف و قهرم همه یکرنگ شده ست

Кӯҳу коҳами ҳамаи ҳамсанг шудаи сет

کوه و کاهم همه همسنگ شده ست

Ишқи шаст аз дили ман нақши ҳавас

عشق شست از دل من نقش هوس

Ишқ бо ишқи ҳамеи бозаму бас

عشق با عشق همی بازم و بس