Содиқиро ғам шабгир гирифт
صادقی را غم شبگیر گرفت
Субҳдами дасти яке пер гирифт
صبحدم دست یکی پیر گرفت
Камари хизмат ӯ сохт каманд
کمر خدمت او ساخت کمند
Баҳри миъроҷи мақомоти баланд
بهر معراج مقامات بلند
Пери рӯзии дам ирфон ме зад
پیر روزی دم عرفان می زد
Гӯии асрор ба чавгон ме зад
گوی اسرار به چوگان می زد
Сомъони ҷумлаи сарафканда ба пеш
سامعان جمله سرافکنده به پیش
Аз раҳи гӯши буруни рафтаи зи хеш
از ره گوش برون رفته ز خویش
Омад он толиби содиқ ба ҳузур
آمد آن طالب صادق به حضور
Ки ба фармӯдаи ?ут эй чашмаи нур
که به فرموده ات ای چشمه نور
Хушк ватар ҳемаи ҳама сӯхта шуд
خشک و تر هیمه همه سوخته شد
То танурии аҷаб афрӯхта шуд
تا تنوری عجب افروخته شد
Баъди азин кор чаҳ ва фармон чист
بعد ازین کار چه و فرمان چیست
Ончии макнун замираст он чист
آنچه مکنون ضمیر است آن چیست
Пери машғӯли сухан буд басӣ
پیر مشغول سخن بود بسی
Дар ҷавобаш назд Аслан нафасӣ
در جوابش نزد اصلا نفسی
Кард он нуктаи мукаррари ду се бор
کرد آن نکته مکرر دو سه بار
Пер зад бонг ки эй нуктаи гузор
پیر زد بانگ که ای نکته گذار
Чанд бо мо кунӣ алҳоҳи чунин
چند با ما کنی الحاح چنین
Рӯ дар он оташ сӯзон биншин
رو در آن آتش سوزان بنشین
Бози дарёии сафои пери куҳан
باز دریای صفا پیر کهن
Мавҷи зани гашт ба таҳқиқи сухан
موج زن گشت به تحقیق سخن
Мавҷи он баҳр ба охир чу расед
موج آن بحر به آخر چو رسید
Ёдаш омад зи мақомоти мурӣд
یادش آمد ز مقامات مرید
Гуфт хезед ки он нодарраи фан
گفت خیزید که آن نادره فن
Карда дар оташи сӯзонаши ватан
کرده در آتش سوزانش وطن
Зонка ақди дил ӯ нест газоф
زانکه عقد دل او نیست گزاف
Бо ман онсон ки кунад қасди хилоф
با من آنسان که کند قصد خلاف
Ёфтандаш чу зари поки айёр
یافتندش چو زر پاک عیار
Карда дар оташ сӯзанда қарор
کرده در آتش سوزنده قرار
Оташаши шуълаи занон аз ҳамаи сӯй
آتشش شعله زنان از همه سوی
Бар таниши каҷ нашуда як сари мӯӣ
بر تنش کج نشده یک سر موی