Ба чорами рӯзи мавъӯди Юсуфи хур
به چارم روز موعود یوسف خور
Чу зад аз соҳили нили фалаки сар
چو زد از ساحل نیل فلک سر
Ба Юсуф гуфт молики к-эии длороӣ
به یوسف گفت مالک کای دلارای
Ту ҳамчун хури канор нил кун ҷой
تو همچون خور کنار نیل کن جای
з худ кун гирди раҳро шасту шӯе
ز خود کن گرد ره را شست و شویی
зи хокати нилро даҳ обрӯе
ز خاکت نیل را ده آبرویی
Ба ҳукми молики он хуршеди тобон
به حکم مالک آن خورشید تابان
Ба сӯй нил шуд ҳолеи шитобон
به سوی نیل شد حالی شتابان
Ба зери перҳани барад аз буруни даст
به زیر پیرهن برد از برون دست
Саманро пардаи нилӯфарии баст
سمن را پرده نیلوفری بست
Кулоҳи зарфишон аз фарқ биниҳод
کلاه زرفشان از فرق بنهاد
зи заррини байзаи худ зоғи шаби зод
ز زرین بیضه خود زاغ شب زاد
Кашид онгаҳ чунон пероҳан аз фарқ
کشید آنگه چنان پیراهن از فرق
Ки ҷайбаши ғарб ма шуд доманаши шарқ
که جیبش غرب مه شد دامنش شرق
Намӯд он дӯш ва бар аз атфи доман
نمود آن دوش و بر از عطف دامن
Чунон каз даври гардуни субҳи равшан
چنان کز دور گردون صبح روشن
Азори нилгуни баста ба таъҷил
ازار نیلگون بسته به تعجیل
Чу симин сарварӣ омад бар лаби нил
چو سیمین سروری آمد بر لب نیل
зи чарх нилгун бархест фарёд
ز چرخ نیلگون برخاست فریاد
Ки шуд нил аз қудуми он маи обод
که شد نیل از قدوم آن مه آباد
Ба ҷои нили ман будӣ чаҳ будӣ
به جای نیل من بودی چه بودی
зи пои бӯсаш ман осудӣ чаҳ будӣ
ز پا بوسش من آسودی چه بودی
Бар он шуд хур ки худро афканди пеш
بر آن شد خور که خود را افکند پیش
Ба равад нили резади чашмаи хеш
به رود نیل ریزد چشمه خویش
Набинад чашмаи худ чун сазояш
نبیند چشمه خود چون سزایش
Туфайл нил шавед дасту поиш
طفیل نیل شوید دست و پایش
Ба дарёи пои ниҳод аз сӯии соҳил
به دریا پا نهاد از سوی ساحل
Чу ма дар бурҷи обии сохт манзил
چو مه در برج آبی ساخت منزل
Ба талъат буд хуршеди ҷҳонтоб
به طلعت بود خورشید جهانتاب
Чу нилӯфар фурӯ рафт андари он об
چو نیلوفر فرو رفت اندر آن آب
Таниш дар об чун урён даромад
تنش در آب چون عریان درآمد
Ба тани оби равонро ҷон даромад
به تن آب روان را جان درآمد
Кушод аз ҳам мусалсали гесувон ро
گشاد از هم مسلسل گیسوان را
Ба рухи занҷири басти оби равон ро
به رخ زنجیر بست آب روان را
Муҳайёи сохт баҳри сайди хоҳӣ
مهیا ساخت بهر صید خواهی
Мънбри домӣ аз ма то ба моҳӣ
معنبر دامی از مه تا به ماهی
Гуҳӣ май рехти об аз даст бар сар
گهی می ریخت آب از دست بر سر
зи парвини моҳро май басти зевар
ز پروین ماه را می بست زیور
Гуҳӣ медод аз кафи молаши гул
گهی می داد از کف مالش گل
зи панҷа шона мезад шохи сунбул
ز پنجه شانه می زد شاخ سنبل
Чу гирд аз рӯйу чирк аз тани фурӯи шаст
چو گرد از روی و چرک از تن فرو شست
Чу сарвӣ аз канори нил бар раст
چو سروی از کنار نیل بر رست
зи мФрши дори молики перҳани хост
ز مفرش دار مالک پیرهن خواست
Ба ҷлбоби самани гулро биёрост
به جلباب سمن گل را بیاراست
Кашид онгаҳ ба бар дебои зркш
کشید آنگه به بر دیبای زرکش
Ба чандини нақшҳои хуши мунаққаш
به چندین نقش های خوش منقش
Ба заррини тоҷи маро қадар бишикаст
به زرین تاج مه را قدر بشکست
Камарбанди мурассаъ бар миёни баст
کمربند مرصع بر میان بست
Фурӯ овехт зулфин диловез
فرو آویخت زلفین دلاویز
Ҳавои Миср азон шуд анбар омез
هوای مصر ازان شد عنبر آمیز
Бидон хубяш дар ҳўдҷ нишонданд
بدان خوبیش در هودج نشاندند
Ба қасди қасри шаҳи мураккаби бронднд
به قصد قصر شه مرکب براندند
Намӯд аз қасри беруни тхтгоҳӣ
نمود از قصر بیرون تختگاهی
Ки шоҳ онҷо кашидӣ рахт гоҳе
که شاه آنجا کشیدی رخت گاهی
Ба пешаши хайли хубон саф кашида
به پیشش خیل خوبان صف کشیده
Паии дидор Юсуф орамида
پی دیدار یوسف آرمیده
Фарози тахти ҳўдҷро ниҳоданд
فراز تخت هودج را نهادند
Ҷаҳонии чашм бар ҳўдҷ ситоданд
جهانی چشم بر هودج ستادند
Қазоро буд зи абри тираи он рӯз
قضا را بود ز ابر تیره آن روز
Наҳуфтаи офтоби олами афрӯз
نهفته آفتاب عالم افروز
Ба Юсуф гуфт молики к-эии длором
به یوسف گفت مالک کای دلارام
зи ҳўдҷ на ба сӯии тхтгаҳи гом
ز هودج نه به سوی تختگه گام
Ту хуршедии зи ориз парда бигушоӣ
تو خورشیدی ز عارض پرده بگشای
зи нури хеши оламро бёроӣ
ز نور خویش عالم را بیارای
Чу Юсуфи бурҷи ҳўдҷро бипардохт
چو یوسف برج هودج را بپرداخت
Чу хур бар чашми мардуми партави андохт
چو خور بر چشم مردم پرتو انداخت
Гумон шуд нозиронро коФтоб аст
گمان شد ناظران را کافتاب است
Ки толеъ гашта аз нилӣ саҳоб аст
که طالع گشته از نیلی سحاب است
Назар карданд дар меҳри ҷҳонтоб
نظر کردند در مهر جهانتاب
Бдонстнд каз вай нест он тоб
بدانستند کز وی نیست آن تاب
Ҳануз ӯ дар пас абраст мастур
هنوز او در پس ابر است مستور
з рӯй Юсуфаст он тобиши нур
ز روی یوسف است آن تابش نور
зи ҳайрати кафи занони аҳли назора
ز حیرت کف زنان اهل نظاره
Фиғон бардоштанд аз ҳар канора
فغان برداشتند از هر کناره
Ки ё раб кист ин фархундаи ахтар
که یا رب کیست این فرخنده اختر
Ки ҳам моҳаст азуи шармандаи ҳам хур
که هم ماه است ازو شرمنده هم خور
Батон Мисри сар дар пеши монданд
بتان مصر سر در پیش ماندند
зи лавҳаши ҳарфи насхи хеши хонданд
ز لوحش حرف نسخ خویش خواندند
Балӣ ҳар ҷо шавад меҳри ошкоро
بلی هر جا شود مهر آشکارا
Сҳоро ҷузи ниҳон бӯдан чаҳ ёро
سها را جز نهان بودن چه یارا