Аз ҳар чаҳ суханварон бидонанд

از هر چه سخنوران بدانند

Вази лавҳ суханварӣ бихонанд

وز لوح سخنوری بخوانند

Мақбултарин фасона ишқ аст

مقبول ترین فسانه عشق است

Матбӯътарин тарона ишқ аст

مطبوع ترین ترانه عشق است

Зини роз чу парда боз кардам

زین راز چو پرده باز کردم

Венаи турфаи тарона соз кардам

وین طرفه ترانه ساز کردم

Шуд тӯтии табъи ман шкрхо

شد طوطی طبع من شکرخا

Аз қиссаи Юсуфу Зулайхо

از قصه یوسف و زلیخا

Ҷуст аз калакам дар он шикаррез

جست از کلکم در آن شکرریز

Ширини суханони шукр омез

شیرین سخنان شکر آمیز

Дар олам азон фитод шурӣ

در عالم ازان فتاد شوری

Дар хотири ошиқони сарварӣ

در خاطر عاشقان سروری

Сари чашмаи лутф буд лекин

سر چشمه لطف بود لیکن

Зон тишнагӣам нагашт сокин

زان تشنگیم نگشت ساکن

Мурғи дили ман зи ҷои дигар

مرغ دل من ز جای دیگر

намехост занад навой дигар

می خواست زند نوای دیگر

Чун қуръа задам ба фоли маймун

چون قرعه زدم به فال میمون

Афтод ба шарҳи ҳоли маҷнӯн

افتاد به شرح حال مجنون

Ҳар чанд ки пеши азин ду устод

هر چند که پیش ازین دو استاد

Дар малики сухани баланди бунёд

در ملک سخن بلند بنیاد

Дар нуктаи варӣ забон кушоданд

در نکته وری زبان گشادند

Дод сухани андар он бидоданд

داد سخن اندر آن بدادند

Аз ганҷа чу ганҷи он гуҳари рез

از گنجه چو گنج آن گهر ریز

Вази ҳинд чу тӯтии ин шукри рез

وز هند چو طوطی این شکر ریز

Он мқръаҳи зан ба кӯси даъвӣ

آن مقرعه زن به کوس دعوی

Венаи ҷилваи даҳ арӯси маънӣ

وین جلوه ده عروس معنی

Он кандаи зи назми нақш дар санг

آن کنده ز نظم نقش در سنگ

Вена дода ба ҳасани санъаташи ранг

وین داده به حسن صنعتش رنگ

Он бардаи илм ба авҷи эъҷоз

آن برده علم به اوج اعجاز

Вена карда фусуни соҳирии соз

وین کرده فسون ساحری ساز

Ман ҳам камар аз қафо бибастам

من هم کمر از قفا ببستم

Бар ноқа бодпо нишастам

بر ناقه بادپا نشستم

Ҳар ҷо ки расед Рахши эшон

هر جا که رسید رخش ایشان

Аз хотири файзи бахши эшон

از خاطر فیض بخش ایشان

Ман низ ба фоқа ноқа ронадам

من نیز به فاقه ناقه راندم

Худро ба ғуборашони расонадам

خود را به غبارشان رساندم

Гар мондаам аз шуморашони пас

گر مانده ام از شمارشان پس

Бар чеҳраи ман ғуборашони бас

بر چهره من غبارشان بس

Эксири вуҷӯдами он ғубор аст

اکسیر وجودم آن غبار است

Бар фарқи ниёзами он нисор аст

بر فرق نیازم آن نثار است

Неи неи ғарқам ба мавҷи қулзум

نی نی غرقم به موج قلزم

Аз хок чаро кунам таяммум

از خاک چرا کنم تیمم

Аз чашмаи ҳиммат об ҷӯям

از چشمه همت آب جویم

Ваз рӯй худ он ғубор шавем

وز روی خود آن غبار شویم

Файёзи ҳамаи сурӯш ғайб аст

فیاض همه سروش غیب است

Дарюза ки не азуаст айб аст

دریوزه که نی ازوست عیب است

Гавҳар чу тавон зи кон гирифтан

گوهر چو توان ز کان گرفتن

Сустӣ буд аз дукон гирифтан

سستی بود از دکان گرفتن

Дар мушт манаст диҷлаи ҳқо

در مشت من است دجله حقا

Ҳаққоба набоядам зи саққо

حقابه نبایدم ز سقا

Ҷом аз кафи дасти хеш кардан

جام از کف دست خویش کردن

Об аз нами ҷӯии хеш хӯрдан

آب از نم جوی خویش خوردن

Ба зонка хурӣ ба косаи зар

به زانکه خوری به کاسه زر

Аз ҳавзаи соқёни дигар

از حوضه ساقیان دیگر

Дар лаҷа файз нест имсок

در لجه فیض نیست امساک

Лекин қаҳтаст хотири пок

لیکن قحط است خاطر پاک

Бастаи сети даҳони чашмаро санг

بسته ست دهان چشمه را سنگ

Чун об кунад ба ҷӯшаши оҳанг

چون آب کند به جوشش آهنگ

Сарчашма кунам зи санги холӣ

سرچشمه کنم ز سنگ خالی

То сар кашад об бар ҳаволӣ

تا سر کشد آب بر حوالی

Ҳар сӯи ҷӯии зи оби ронам

هر سو جویی ز آب رانم

Ҳам худ хӯрам об ва ҳам хўронм

هم خود خورم آب و هم خورانم

Созами зи сурӯши ғайби соқӣ

سازم ز سروش غیب ساقی

Дарюза кунам шароби боқӣ

دریوزه کنم شراب باقی