Сухани зи осмонҳо фурӯди омадаи сет
سخن ز آسمان ها فرود آمده ست
Бар иқлӣми ҷонҳо фурӯди омадаи сет
بر اقلیم جان ها فرود آمده ست
Кушодаи зи иқлӣми ҷони пару бол
گشاده ز اقلیم جان پر و بال
Чу товус дар ҷилваи гоҳи хаёл
چو طاووس در جلوهگاه خیال
Гуҳӣ гашта бар не чу Тифлони савор
گهی گشته بر نی چو طفلان سوار
Ба рӯми омада аз раҳи Зангбор
به روم آمده از ره زنگبار
Чу аббосиён дар ъабои сиёҳ
چو عباسیان در عبای سیاه
Саводи басари сохтаи ҷилваи гоҳ
سواد بصر ساخته جلوهگاه
Гуҳии бодпои нафаси зери рон
گهی بادپای نفس زیر ران
Буруни ронда аз раҳгузори забон
برون رانده از رهگذار زبان
Фурӯди омадаи зини фазои фарох
فرود آمده زین فضای فراخ
Ба даҳлезаи танги кохи смох
به دهلیزه تنگ کاخ صماخ
зи завқи қудумаши дили тезҳӯш
ز ذوق قدومش دل تیزهوش
Буд дида бар равзани чашму гӯш
بود دیده بر روزن چشم و گوش
Азон бингарад ҷилваи ноз ӯ
ازان بنگرد جلوه ناز او
Ваз ин башнавад дилкаши овоз ӯ
وز این بشنود دلکش آواز او
Азон ҷилваи куну макони пари шуъоъ
ازان جلوه کون و مکان پر شعاع
Вази ин нағмаи ҷону ҷаҳон дар самоъ
وز این نغمه جان و جهان در سماع
Буд тобиши моҳу меҳр аз сухан
بود تابش ماه و مهر از سخن
Буд гардиш на сипеҳр аз сухан
بود گردش نه سپهر از سخن
Ду ҳарфанд аз дафтараши коф ва навен
دو حرفند از دفترش کاف و نون
Ба ҳастӣ шуда нестро раҳнамӯн
به هستی شده نیست را رهنمون
Сухан гар набӯдӣ набӯдӣ қалам
سخن گر نبودی نبودی قلم
Ба лавҳи баёни сари нсўдии қалам
به لوح بیان سر نسودی قلم
Қалам зуаст нолон ба чанги дабир
قلم زوست نالان به چنگ دبیر
Навой тараби зан ба лаҳни срир
نوای طرب زن به لحن صریر
Забони мғнии бурун зон садо
زبان مغنی برون زان صدا
Буд чун тании монда аз ҷони ҷудо
بود چون تنی مانده از جان جدا
Тиҳӣ зон навои чангу даф нағз нест
تهی زان نوا چنگ و دف نغز نیست
Чаҳ ҳосил азон пӯсти каш мағз нест ?
چه حاصل ازان پوست کش مغز نیست؟
Сухани мояи саҳару афсун буд
سخن مایه سحر و افسون بود
Ба тахсӣс вақте ки мавзун буд
به تخصیص وقتی که موزون بود
Азон саҳари бастами забон чанд бор
ازان سحر بستم زبان چند بار
Вази он нодир афсун шудам тавбаи кор
وز آن نادر افسون شدم توبهکار
Валикин чу буд он маро дар сиришт
ولیکن چو بود آن مرا در سرشت
Нагашт аз серуми ҳарфи он сарнавишт
نگشت از سرم حرف آن سرنوشت
Дигар бораи гаштам ба он ҳарфи боз
دگر باره گشتم به آن حرف باز
Суханро ба ҳар сӯратии ҳирфаи соз
سخن را به هر صورتی حرفهساز
Задам умрӣ аз бемисолон мисл
زدم عمری از بی مثالان مثل
Сурӯдам ба васфи ғизолони ғазал
سرودم به وصف غزالان غزل
Қалами вор аз сари қадами сохтам
قلموار از سر قدم ساختم
зи мишкӣни хатон нома пардохтам
ز مشکینخطان نامه پرداختم
Дам аз содаи рӯйон раъно задам
دم از سادهرویان رعنا زدم
Ғазалро зи маи хайма боло задам
غزل را ز مه خیمه بالا زدم
Намудем раҳи рости ушшоқ ро
نمودم ره راست عشاق را
зи овоза пар кардам офоқ ро
ز آوازه پر کردم آفاق را
Ба қасд қасоид шудам тези гом
به قصد قصاید شدم تیز گام
Баромад ба назми муаммоами ном
برآمد به نظم معمام نام
зи бечорагиҳо дарин чорсўӣ
ز بیچارگیها درین چارسوی
Ба қавл рубоӣ шудам чораи ҷӯй
به قول رباعی شدم چارهجوی
Кунун кардаам пушти ҳиммати қавӣ
کنون کردهام پشت همّت قوی
Даҳуми маснавиро либос навай
دهم مثنوی را لباس نوی
Куҳани маснавиҳои перони кор
کهن مثنویهای پیران کار
Ки мондаи сет азон рафтагони ёдгор
که ماندهست ازان رفتگان یادگار
Агарчӣ равони бахшу ҷон парвар аст
اگرچه روانبخش و جانپرور است
Дар ашъори нави лиззат дигар аст
در اشعار نو لذت دیگر است
Ба чандини ҳунари пери оростаи сет
به چندین هنر پیر آراسته ست
Вале не чу хубони нўхостаҳи сет
ولی نی چو خوبان نوخاسته ست
Дили нўнёзони кӯии умед
دل نونیازان کوی امید
Хат сабз хоҳад , на мӯии сифед
خط سبز خواهد، نه موی سفید
Низомӣ ки устоди ин фан вайаст
نظامی که استاد این فن ویست
Дарин бзмгаҳи шамъ равшан вайаст
درین بزمگه شمع روشن ویست
зи вайрона ганҷа шуд ганҷи санҷ
ز ویرانه گنجه شد گنجسنج
Расониди ганҷи гуҳарро ба панҷ
رسانید گنج گهر را به پنج
Чу хусрав ба он панҷ ҳам панҷа шуд
چو خسرو به آن پنج همپنجه شد
Вази он бозуии Фкртш ранҷа шуд
وز آن بازوی فکرتش رنجه شد
Кафш буд азон гӯнаи гавҳари тиҳӣ
کفش بود ازان گونه گوهر تهی
Диҳиши сохт лек аз зари даҳ диҳӣ
دهش ساخت لیک از زر دَهدَهی
Зар аз сим агар чанд бартар буд
زر از سیم اگر چند برتر بود
Басии камтар аз дару гавҳар буд
بسی کمتر از در و گوهر بود
Ман муфлиси ъўри давр аз ҳунар
من مفلس عور دور از هنر
На дар ҳуққаи гавҳар на дар сраҳи зар
نه در حقه گوهر نه در صره زر
Дарин коргоҳи фусуну фусӯс
درین کارگاه فسون و فسوس
зи миси сохтам панҷ ганҷи Флўс
ز مس ساختم پنج گنج فلوس
Ману шармсории зи даҳ ганҷи шан
من و شرمساری ز ده گنجشان
Ки ин панҷ ман нест даҳ панҷ шан
که این پنج من نیست دهپنجشان
Вале дошт чун зӯр поем навай
ولی داشت چون زور پایم نوی
Задам гоми ҳиммат ба чобук рӯй
زدم گام همّت به چابکروی
Кушодам ба мифтоҳи азми дуруст
گشادم به مفتاح عزم درست
Дар ганҷи гуфторро вази нахуст
در گنج گفتار را وز نخست
зи лаб тӯҳфа оварадам аҳрор ро
ز لب تحفه آوردم احرار را
Ба кафи сбҳаҳи бспрдми Аброр ро
به کف سبحه بسپردم ابرار را
Вази он пас чу калак тасарруф задам
وز آن پس چو کلک تصرف زدم
Рақам бар Зулайхо ва Юсуф задам
رقم بر زلیخا و یوسف زدم
Чу Тифлони зи не чун фарси тохтам
چو طفلان ز نی چون فرس تاختم
Ба Лайлӣу маҷнӯни фарси сохтам
به لیلی و مجنون فرس ساختم
Чу зин чор шуд табъи ман комёб
چو زین چار شد طبع من کامیاب
Кунун оварам рӯ ба панҷуми китоб
کنون آورم رو به پنجم کتاب
Ба як силк хоҳам чу гавҳар кашид
به یک سلک خواهم چو گوهر کشید
Хрдномаҳҳо каз Сикандар расед
خردنامهها کز سکندر رسید
Хрдномаҳ зон ихтиёр ман аст
خردنامه زان اختیار من است
Ки афсонаи хуоне на кор ман аст
که افسانهخوانی نه کار من است
зи асрори ҳикмати сухан рондан
ز اسرار حکمت سخن راندن
Ба аз қиссаҳои куҳани хондан
به از قصههای کهن خواندن
зи баҳроми гӯраши нрондми сухан
ز بهرام گورش نراندم سخن
Нкштм ба боғи худ он сарви бен
نکشتم به باغ خود آن سرو بن
Чу маъмура умр шуд хоки туад
چو معموره عمر شد خاک تود
зи меъмории ҳафт пайкар чаҳ суд ?
ز معماری هفتپیکر چه سود؟
Бар он баҳри як маснавии доштам
بر آن بحر یک مثنوی داشتم
Ки тухми ҳақоиқ дар ӯ коштам
که تخم حقایق در او کاشتم
Ҳамаи нуктаҳои ҳакямони дайн
همه نکتههای حکیمان دین
Ҳикоёти арбоби кашфу яқин
حکایات ارباب کشف و یقین
Чу ин гавҳарам буд зон баҳри жарф
چو این گوهرم بود زان بحر ژرف
Мукаррари нрондм дар он баҳри ҳарф
مکرر نراندم در آن بحر حرف
Сухан гарчи бошад чу оби зулол
سخن گرچه باشد چو آب زلال
зи такрори хезади ғубори малол
ز تکرار خیزد غبار ملال
Чу афтод бе он ба корами халал
چو افتاد بیآن به کارم خلل
Талофӣ ш кардам ба нъми албдл
تلافیش کردم به نعم البدل
Шудам аз дигар баҳри гўҳрФшон
شدم از دگر بحر گوهرفشان
Ваз он кардам Аброрро сбҳаҳ хон
وز آن کردم ابرار را سبحهخوان
Дариғо ки бигузашт умри шариф
دریغا که بگذشت عمر شریف
Ба ҷамъи қўоФӣу фикри радиф
به جمع قوافی و فکر ردیف
Кунад қофияи танг бар ман нафас
کند قافیه تنگ بر من نفس
Азон чун радифам фитад кори пас
ازان چون ردیفم فتد کار پس
Наёяд буруни ҳарфӣ аз хома ам
نیاید برون حرفی از خامهام
Ки набӯд сияҳи рӯе нома ам
که نبود سیهرویی نامهام
Чу бар даст набӯд шаш ангушти хуш
چو بر دست نبود شش انگشت خوش
Чаро созам аз хомаи ангушти шаш ?
چرا سازم از خامه انگشت شش؟
зи роҳи хиради хат чу берӯнӣ аст
ز راه خرد خط چو بیرونی است
Ба кафи хомаи ангушт афзӯнӣ аст
به کف خامه انگشت افزونی است
Ҳузури дил аз даст додам ба нақд
حضور دل از دست دادم به نقد
Ки бикри суханро дрорм ба ақд
که بکر سخن را درآرم به عَقد
Рамед аз ман он вена нигарадед ром
رمید از من آن وین نگردید رام
Гирифт он ҳаво вена наомад ба дом
گرفت آن هوا وین نیامد به دام
Кунун медиҳад даври чархам ба ёд
کنون میدهد دور چرخم به یاد
Ба зарби алмисли қиссаи ғўку хоад
به ضرب المثل قصه غوک و خاد