Флотўн ки фари илоҳяш буд

فلاطون که فر الهیش بود

зи дониш ба дили ганҷи шоҳяш буд

ز دانش به دل گنج شاهیش بود

Кушод аз дилу ҷони яздони шинос

گشاد از دل و جان یزدان شناس

Забонро ба тамҳиди шукру сипос

زبان را به تمهید شکر و سپاس

Вази он пас ба ҳар зираки тезҳӯш

وز آن پس به هر زیرک تیزهوش

Шуд аз ганҷи асрори гўҳрФрўш

شد از گنج اسرار گوهرفروش

Ки эй аввалин тухми ин киштзор

که ای اولین تخم این کشتزار

Пасини миваи боғи ҳафт ва чаҳор

پسین میوه باغ هفت و چهار

Расади дони ин ҳафт гунбади туе

رصد دان این هفت گنبد تویی

Каллаи дори ин чори маснади туе

کله دار این چار مسند تویی

Ба пои фаросати брои гирди хеш

به پای فراست برآ گرد خویش

Ба чашм киёст бибин гирди хеш

به چشم کیاست ببین گرد خویش

Дарин буқъа бингар ки ёр ту кист

درین بقعه بنگر که یار تو کیست

Бар ин рқъаҳи бшмр ки кор ту чист

بر این رقعه بشمر که کار تو چیست

Хурии рӯзӣ аз хон фазли худоӣ

خوری روزی از خوان فضل خدای

Чаро новарии тоъат ӯ ба ҷой

چرا ناوری طاعت او به جای

Ба кӯии вафои суст асосӣ макун

به کوی وفا سست اساسی مکن

Бибин неъмат ва носипосӣ макун

ببین نعمت و ناسپاسی مکن

Ба неъмат раседӣ макун чун хасон

به نعمت رسیدی مکن چون خسان

Фаромӯш аз анъоми неъмати расон

فراموش از انعام نعمت رسان

з бас мерасад файзи анъоми азу

ز بس می رسد فیض انعام ازو

Баради баҳраи ҳам хос ва ҳам оми азу

برد بهره هم خاص و هم عام ازو

На шоҳаст танҳо азуи баҳраи манд

نه شاه است تنها ازو بهره مند

Гадоёни зи нобаҳраи мандии нижанд

گدایان ز نابهره مندی نژند

з хон нўолши замон дар замон

ز خوان نوالش زمان در زمان

Гадоро ҳамонасту шаҳро ҳамон

گدا را همانست و شه را همان

Чаҳ будӣ гадоро бтар зонка шоҳ

چه بودی گدا را بتر زانکه شاه

Рҳидии зи офот бар тахти ҷоҳ

رهیدی ز آفات بر تخت جاه

зи нилии камони чархи заррини сипар

ز نیلی کمان چرخ زرین سپر

Гадои гаштии омоҷи тири хатар

گدا گشتی آماج تیر خطر

Басои шаҳ ки дар заъфу сустӣ буд

بسا شه که در ضعف و سستی بود

Насиби гадои тандурустӣ буд

نصیب گدا تندرستی بود

Басои лолаи доғ бар дил ба боғ

بسا لاله داغ بر دل به باغ

Ки бошад зи доғаши гёро фироқ

که باشد ز داغش گیا را فراغ

Макун ин ҳамаи фикри давру дароз

مکن این همه فکر دور و دراز

Пай ончӣ набӯд ба онат ниёз

پی آنچه نبود به آنت نیاز

Ба уфтад ба ҳар ҳоли даврии ту ро

به افتد به هر حال دوری تو را

зи фикрӣ ки набӯд зарурии ту ро

ز فکری که نبود ضروری تو را

Ба шаҳбози фикрати азин ошён

به شهباز فکرت ازین آشیان

Ба ҳар дами ду сад сайди давлати тавон

به هر دم دو صد صید دولت توان

Макун ҳамчуи ҷғдш ба сад ранҷу дард

مکن همچو جغدش به صد رنج و درد

Паии ганҷи мавҳуми вайронаи гирд

پی گنج موهوم ویرانه گرد

зи эзад ки ҷон ва танат дода аст

ز ایزد که جان و تنت داده است

Туро ҳар чаҳ май бояд омода аст

تو را هر چه می باید آماده است

зи ту ин ҳамаи ҷаҳду кӯшиш ки чаҳ

ز تو این همه جهد و کوشش که چه

зи тобу туфи ҳирси ҷӯшаш ки чаҳ

ز تاب و تف حرص جوشش که چه

Мтоъисти дунёи паии ин матоъ

متاعیست دنیا پی این متاع

Макун бо ҳарисони гетии низо

مکن با حریصان گیتی نزاع

Макун баҳри пайкорашони ниФаҳи танг

مکن بهر پیکارشان نیفه تنگ

Ки кор сегонаст бар ҷиФаҳи ҷанг

که کار سگان است بر جیفه جنگ

зи симаш чаҳ дории сифедии умед

ز سیمش چه داری سفیدی امید

Ки гардад сиёҳ аз мсосши сифед

که گردد سیاه از مساسش سفید

Чу бошад зараши қуфли фараҷи сутур

چو باشد زرش قفل فرج ستور

Чаҳ ҷӯӣ азон фатҳи боби сарвар

چه جویی ازان فتح باب سرور

Буд равшани ин нукта бар аҳл дид

بود روشن این نکته بر اهل دید

Ки меноед аз қуфли кори калид

که می ناید از قفل کار کلید

Бутанд ин ду хуши он ки зин бут бараст

بت اند این دو خوش آن که زین بت برست

Ба бут кист лоиқ ба ҷузи бути параст

به بت کیست لایق به جز بت پرست

Ҷаҳонӣ шудаи зин батон хоксор

جهانی شده زین بتان خاکسار

Батонро ба он бут прессатон гузор

بتان را به آن بت پرستان گذار

Кун аз саҷдаи бути рухи хеши пок

کن از سجده بت رخ خویش پاک

Агар дайгарии бути пурситад чаҳ бок

اگر دیگری بت پرستد چه باک

Ба дил ношудаи майли дунёати сахт

به دل ناشده میل دنیات سخت

Бикаш аз ҳарими таманноаши рахт

بکش از حریم تمناش رخت

Нишоед ба ҷони меҳри он доштан

نشاید به جان مهر آن داشتن

Ки май боядаш зуди бгзоштн

که می بایدش زود بگذاشتن

Ба ибрати зи пешинён ёд кун

به عبرت ز پیشینیان یاد کن

Дил аз ёди пешинён шод кун

دل از یاد پیشینیان شاد کن

Бихон дафтари куҳнагону навон

بخوان دفتر کهنگان و نوان

Ба ҳар кишварии байн ки чун хусравон

به هر کشوری بین که چون خسروان

Ба майдони шоҳӣ фарс тохтанд

به میدان شاهی فرس تاختند

Дар он арса нарад ҳавас бохтанд

در آن عرصه نرد هوس باختند

зи сад гоми норафтаи як гом ро

ز صد گام نارفته یک گام را

зи сад коми норондаи як ком ро

ز صد کام نارانده یک کام را

Фурӯд омаданд аз фарси оқибат

فرود آمدند از فرس عاقبت

Аннан тофтанд аз ҳаваси оқибат

عنان تافتند از هوس عاقبت

Тиҳии торак аз тоҷи фармондиҳӣ

تهی تارک از تاج فرماندهی

Фитоданд бар бистари ҷондҳӣ

فتادند بر بستر جاندهی

Ниҳоданд бар тахт аз тахти пой

نهادند بر تخت از تخت پای

Гирифтанд дар вартаи сахти ҷой

گرفتند در ورطه سخت جای

Макун ҳамнишинӣ ба ҳар бади сиришт

مکن همنشینی به هر بد سرشت

Ки дуздади азуи табъи ту хуии зишт

که دزدد ازو طبع تو خوی زشت

Шӯй аз бадии пари зи некии тиҳӣ

شوی از بدی پر ز نیکی تهی

Ваз он набӯдат заррае огаҳӣ

وز آن نبودت ذره ای آگهی

Чаҳ хуш гуфт деҳқони софии зи ранг

چه خوش گفت دهقان صافی ز رنگ

Ки ангур гирад зи ангури ранг

که انگور گیرد ز انگور رنگ

Чу душман ба даст ту гардад асир

چو دشمن به دست تو گردد اسیر

Азуи сояи дӯстии вомгир

ازو سایه دوستی وامگیر

Агар чанд хасми ту буд аз нахуст

اگر چند خصم تو بود از نخست

Чу омад ба дасти ту аз хайл туаст

چو آمد به دست تو از خیل توست

Марон асб бидод бар хайли хеш

مران اسب بداد بر خیل خویش

Бигардон зи бунёдашони сайли хеш

بگردان ز بنیادشان سیل خویش

На онаст шаҳи каш буд дар сипоҳ

نه آنست شه کش بود در سپاه

Ҳазорон ғуломи мурассаъи кулоҳ

هزاران غلام مرصع کلاه

Шаҳи он дон ки расми карам зинда кард

شه آن دان که رسم کرم زنده کرد

Сад озодро аз карам банда кард

صد آزاد را از کرم بنده کرد

Дилатро ба донишварии дори ҳуш

دلت را به دانشوری دار هوش

Чу донистӣ онгоҳ дар кор кӯш

چو دانستی آنگاه در کار کوش

Буд ҳоли шарири доно ба хайр

بود حال شریر دانا به خیر

Ки гардад сӯии хайри даллоли ғайр

که گردد سوی خیر دلال غیر

Чу аъамӣ ки бошад чароғаш ба каф

چو اعمی که باشد چراغش به کف

Фурӯғ чароғаш фитад ҳар тараф

فروغ چراغش فتد هر طرف

Буд равшан аз ваии раҳи дигарон

بود روشن از وی ره دیگران

Раҳи вай азон равшанӣ бар карон

ره وی ازان روشنی بر کران

Ба ҳар каси раҳ ошноӣ мапуӣ

به هر کس ره آشنایی مپوی

з ҳар ошнои равшанои мҷўӣ

ز هر آشنا روشنایی مجوی

Ҷафое ки бар ту з олам расад

جفایی که بر تو ز عالم رسد

Ҷуз аз ҷониби ошно кам расад

جز از جانب آشنا کم رسد

Ҳар он ҷавр каз давр ин Асияст

هر آن جور کز دور این آسیاست

Ҳамаи зи ошнои рафта бар ошност

همه ز آشنا رفته بر آشناست

Буд довариҳо ду ҳамхона ро

بود داوری ها دو همخانه را

Ки ҳаргиз набошад ду бегона ро

که هرگز نباشد دو بیگانه را

Чу з ойӣна кардӣ кудурат задой

چو ز آیینه کردی کدورت زدای

Шавад сӯрати хуб шоҳид намой

شود صورت خوب شاهد نمای

Суханро зи биҳўди софии гузор

سخن را ز بیهود صافی گذار

Ки гардад ҷамоли хиради ошкор

که گردد جمال خرد آشکار

Ба кам ақлии он сифла иқрор кард

به کم عقلی آن سفله اقرار کرد

Ки бар ҳарзаи гуфтор бисёр кард

که بر هرزه گفتار بسیار کرد

Магӯ то напурсад зи ту нуктаи ҷӯй

مگو تا نپرسد ز تو نکته جوی

Чу пурсад таъаммул кун онгаҳ бигӯӣ

چو پرسد تأمل کن آنگه بگوی

Сухан бетаъаммул кам уфтад савоб

سخن بی تأمل کم افتد صواب

Забонро Аннан аз хатои бозтоб

زبان را عنان از خطا بازتاب

Сухани шоҳиди ҷилваи гоҳ дил аст

سخن شاهد جلوه گاه دل است

Халосӣ азон ҷилвагар мушкил аст

خلاصی ازان جلوه گر مشکل است

Чу ороед онро сухани густарӣ

چو آراید آن را سخن گستری

Набошад ба аз ростии зеварӣ

نباشد به از راستی زیوری

Ме?ера Рахшро ба нили дурӯғ

میارا رخش را به نیل دروغ

Казон нил гардад Рахш бе фурӯғ

کزان نیل گردد رخش بی فروغ

Магӯ ростии ҳам ки соҳиби хирад

مگو راستی هم که صاحب خرد

Ба рӯй қабулаш наад дасти рад

به روی قبولش نهد دست رد

Чаро ростӣ гуяд он рости мард

چرا راستی گوید آن راست مرد

Ки бояд ба сад хиҷлаташ рост кард

که باید به صد خجلتش راست کرد