Сикандар ки ганҷинаи роз буд

سکندر که گنجینه راز بود

Дар ганҷи ҳикмати бадви боз буд

در گنج حکمت بدو باز بود

зи ҳикмати басии гавҳар шаб фурӯз

ز حکمت بسی گوهر شب فروز

Казу монда пайдост бар рӯй рӯз

کزو مانده پیداست بر روی روز

Биёи гӯшро қоид ҳуш кун

بیا گوش را قاید هوش کن

Вази он гавҳари овеза гӯш кун

وز آن گوهر آویزه گوش کن

Чу дории дилу ҳуши ҳикмати гарав

چو داری دل و هوش حکمت گرو

Бикаш пунба аз гӯши ҳикмати шинав

بکش پنبه از گوش حکمت شنو

Арастӯи каши устоди таълим буд

ارسطو کش استاد تعلیم بود

Бадви нақд худ карда таслим буд

بدو نقد خود کرده تسلیم بود

Бадв гуфт рӯзӣ ки эй хурдаи ҷӯй

بدو گفت روزی که ای خرده جوی

Ба дониши зи ақрони худ бардаи гӯй

به دانش ز اقران خود برده گوی

Чу малики ҷаҳонат мусаллам шавад

چو ملک جهانت مسلم شود

Дар он пояи пои ту муҳкам шавад

در آن پایه پای تو محکم شود

Чаҳ бошад ба пеши ту миқдори ман

چه باشد به پیش تو مقدار من

Чаҳ равнақи пазиради зи ту кори ман

چه رونق پذیرد ز تو کار من

Бигуфто ки бошад туро бартарӣ

بگفتا که باشد تو را برتری

Бар ман ба миқдори Фрмонбрӣ

بر من به مقدار فرمانبری

Ба тоъати туро то қадами пештар

به طاعت تو را تا قدم پیشتر

Буд қадари ту пеши ман бештар

بود قدر تو پیش من بیشتر

Арастӯ чу аз вай шунид ин ҷавоб

ارسطو چو از وی شنید این جواب

Ба меъёр ҳикмат намӯдаш савоб

به معیار حکمت نمودش صواب

Бигуфто шуд акнӯн яқинами дуруст

بگفتا شد اکنون یقینم درست

Ки ин ҷома бар қомат туаст чуст

که این جامه بر قامت توست چست

Ба тоҷи киёнии шӯии сарбаланд

به تاج کیانی شوی سربلند

зи тахти ҷаму малик ӯ баҳраи манд

ز تخت جم و ملک او بهره مند

Ҳаме буд доим ба фарҳангу рой

همی بود دایم به فرهنگ و رای

Ба таъзими устод кӯшиш намой

به تعظیم استاد کوشش نمای

Касе гуфт чунӣ чунин ранҷбар

کسی گفت چونی چنین رنجبر

Ба таъзими устод беш аз падар

به تعظیم استاد بیش از پدر

Бигуфто зад ин нақши обу гулам

بگفتا زد این نقش آب و گلم

Вази он тарбият ёфт ҷону дилам

وز آن تربیت یافت جان و دلم

Азин шуд тани ман пазирои ҷон

ازین شد تن من پذیرای جان

Вази он омадами зиндаи ҷовдон

وز آن آمدم زنده جاودان

Азин ёфтам як ду рӯзаи вуҷӯд

ازین یافتم یک دو روزه وجود

Вази он як шудам баҳри аФзолу ҷӯад

وز آن یک شدم بحر افضال و جود

Азин баҳри гуфтани забон вар шудам

ازین بهر گفتن زبان ور شدم

Вази он дар сухани кон гавҳар шудам

وز آن در سخن کان گوهر شدم

з шаҳват шуд ин як замони комёб

ز شهوت شد این یک زمان کامیاب

Паии тухми ман рехти як қатраи об

پی تخم من ریخت یک قطره آب

з фикрат шуд он солҳо саҳари кор

ز فکرت شد آن سالها سحر کار

Ки дар илм ва ҳикмат шудам номдор

که در علم و حکمت شدم نامدار

Азин пои кушодами зи қайди адам

ازین پا گشادم ز قید عدم

Вази он рӯи ниҳодам ба малики қадам

وز آن رو نهادم به ملک قدم

Яке рӯз бар тахти шоҳии басӣ

یکی روز بر تخت شاهی بسی

Ба сари бараду бегонаи номад касе

به سر برد و بیگانه نامد کسی

Бигуфто ки имрӯзро каз дирам

بگفتا که امروز را کز درم

Наомад кас аз умр худ нашмурам

نیامد کس از عمر خود نشمرم

Дар он рӯзи шаҳро чаҳ осоиш аст

در آن روز شه را چه آسایش است

Ки аз вай на бахшиш на бахшоиш аст

که از وی نه بخشش نه بخشایش است

Наризад ба домон хоҳанда сим

نریزد به دامان خواهنده سیم

Нашавед зи ҷони паноҳандаи бим

نشوید ز جان پناهنده بیم

Аноят набинад накукори азу

عنایت نبیند نکوکار ازو

Сиёсат набинад дили озори азу

سیاست نبیند دل آزار ازو

Чаҳ хуш гуфт рӯзӣ ки қавли ҳаким

چه خوش گفت روزی که قول حکیم

Буд оинаи пеши марди Карим

بود آینه پیش مرد کریم

Ки бинад дар ӯ сирату хуй ро

که بیند در او سیرت و خوی را

Бдонсон ки дар оина рӯй ро

بدانسان که در آینه روی را

Хирадро асар дар дили оқилон

خرد را اثر در دل عاقلان

Фузун бошад аз теғ бар ҷоҳилон

فزون باشد از تیغ بر جاهلان

Бимонад мудоми он асар дар замир

بماند مدام آن اثر در ضمیر

Шавад ин ба икчнди дармон пазир

شود این به یکچند درمان پذیر

Камони аҷалгар хаданг афкан аст

کمان اجل گر خدنگ افکن است

Маёзор козори он бар тан аст

میازار کآزار آن بر تن است

Чу солими зайди мурғи ширини нафас

چو سالم زید مرغ شیرین نفس

Чаҳ ғамгар шикастӣ расад бар қафас

چه غم گر شکستی رسد بر قفس

Чу муҷрим шавад аз гунаҳи узрхоҳ

چو مجرم شود از گنه عذرخواه

Гунаҳи дони тағофули зи узри гуноҳ

گنه دان تغافل ز عذر گناه

Битарс аз уқоби шдидолъқоб

بترس از عقاب شدیدالعقاب

Макун дар ъқўбтгроиии шитоб

مکن در عقوبتگرایی شتاب

Тавон зиндагонро фикандани зи пой

توان زندگان را فکندن ز پای

Вале кушта ҳаргиз нахезад зи ҷой

ولی کشته هرگز نخیزد ز جای

Фаровони ҳамеи бахш ва кам май шумор

فراوان همی بخش و کم می شمار

зи миннат ниҳодан ҳаме кун канор

ز منت نهادن همی کن کنار

Ҳамеи гир кам лек май байни басӣ

همی گیر کم لیک می بین بسی

Казин шукр пайванд гардад касе

کزین شکر پیوند گردد کسی

Чу доро ба он ройу фарҳанги хеш

چو دارا به آن رای و فرهنگ خویش

Шуд озурдаи теғи сарҳанги хеш

شد آزرده تیغ سرهنگ خویش

Азон захм дар хоку хӯни аўФтод

ازان زخم در خاک و خون اوفتاد

зи малики саломати буруни аўФтод

ز ملک سلامت برون اوفتاد

Пас пардаи пӯши яке турфаи духт

پس پرده پوش یکی طرفه دخت

зи покизагии миваи сояи пухт

ز پاکیزگی میوه سایه پخت

Васият чунин кард кон дар пок

وصیت چنین کرد کان در پاک

зи фар Сикандар шавад тобнок

ز فر سکندر شود تابناک

Нагардад ҷуз ӯ ҳеҷ каси ҷуфт ӯ

نگردد جز او هیچ کس جفت او

Гушояндаи дарҷи носифт ӯ

گشاینده درج ناسفت او

Сикандар чу кард он васияти қабул

سکندر چو کرد آن وصیت قبول

Вале аз қабули васияти малул

ولی از قبول وصیت ملول

Бадв гуфт каси кини малолат з чист

بدو گفت کس کین ملالت ز چیست

Азуи беҳтарат дар ҷаҳон ҷуфт кист

ازو بهترت در جهان جفت کیست

Бигуфто азон бошад андеша ам

بگفتا ازان باشد اندیشه ام

Ки бар по занад ишқ ӯ теша ам

که بر پا زند عشق او تیشه ام

зи савдои ишқаш дар уфтами зи пой

ز سودای عشقش در افتم ز پای

Шавад бар серуми шоҳи фармонравоӣ

شود بر سرم شاه فرمانروای

Наёрам зи кас кардан онро ниҳон

نیارم ز کس کردن آن را نهان

Бигӯянд фарзонагони ҷаҳон

بگویند فرزانگان جهان

Сикандари зи дорои ҷаҳонро гирифт

سکندر ز دارا جهان را گرفت

Вале духтараш аз ваии онро гирифт

ولی دخترش از وی آن را گرفت

Забуни сози мардони соҳиби нигин

زبون ساز مردان صاحب نگین

Забун шуд заниро на ақл ва на дайн

زبون شد زنی را نه عقل و نه دین