Ҳакими чаҳорум чу гуфт ончӣ гуфт

حکیم چهارم چو گفت آنچه گفت

зи боғи дили панҷуми ин гули шигифт

ز باغ دل پنجم این گل شگفت

Ки эй гулбуни боғи шоҳаншаҳӣ

که ای گلبن باغ شاهنشهی

Ки мондаи сети домонат аз гули тиҳӣ

که مانده ست دامانت از گل تهی

Агар кард гули сусти пайванде

اگر کرد گل سست پیوندیی

Ба ёд ваят бод хурсанде

به یاد ویت باد خرسندیی

Касеро ки шуд миваи дили зи даст

کسی را که شد میوه دل ز دست

зи фӯти гулии шохи айшаши шикаст

ز فوت گلی شاخ عیشش شکست

зи панд ҳакямон шавад сабри кеш

ز پند حکیمان شود صبر کیش

Наад ақли роҳи тслиши пеш

نهد عقل راه تسلیش پیش

Туро ин тасаллии з яздон расед

تو را این تسلی ز یزدان رسید

Ба коми ту ин туъма зон хон расед

به کام تو این طعمه زان خوان رسید

Дилати равшан аз нур илҳом ӯст

دلت روشن از نور الهام اوست

Таматтуъи каш аз файз анъом ӯст

تمتع کش از فیض انعام اوست

Ҳакямон чу ин нукта дарёфтанд

حکیمان چو این نکته دریافتند

зи таскини ту рӯй бартофтанд

ز تسکین تو روی برتافتند

зи машриқ чу толеъ шавад офтоб

ز مشرق چو طالع شود آفتاب

Чаҳ партав диҳад машъали хонаи тоб

چه پرتو دهد مشعل خانه تاب

Равони Сикандари зи ту шоди бод

روان سکندر ز تو شاد باد

Ба рӯҳи ҷинони рӯҳаши ободи бод

به روح جنان روحش آباد باد

Ба ъзи ду гейтяти бодои кафил

به عز دو گیتیت بادا کفیل

Санои ҷамилу савоби ҷазил

ثنای جمیل و ثواب جزیل