Малики ҳинд ба Халифаи Бағдоди тӯҳфа ҳо фиристод ҳамроҳи табибии файласуф ба маҳорат дар тибу ҳикмати мавсуф , пеши Халифа ба пой хост ки се чиз овардаам ки ҷузи мулӯкро набояду ҷузи салотинро нишоед .
ملک هند به خلیفه بغداد تحفه ها فرستاد همراه طبیبی فیلسوف به مهارت در طب و حکمت موصوف، پیش خلیفه به پای خاست که سه چیز آورده ام که جز ملوک را نباید و جز سلاطین را نشاید.
Фармуд ки он кадомаст ? гуфт : аввали хизобӣ ки мӯии сифедро сиёҳ гирданд ба ваҷҳе ки ҳаргиз мутағаййир нашаваду сифеди нгрдддўими маъҷунӣ ки ҳар чанд таом хӯрд меъда гарон нагардаду мизоҷ аз эътидол науфтад сиўми таркибӣ ки пуштро қавӣ гирданду рағбати мубоширати орад ва аз такрори он на заъфи басари хезад ва на нуқсони қӯт .
فرمود که آن کدام است؟ گفت: اول خضابی که موی سفید را سیاه گرداند به وجهی که هرگز متغیر نشود و سفید نگردددویم معجونی که هر چند طعام خورد معده گران نگردد و مزاج از اعتدال نیفتد سیوم ترکیبی که پشت را قوی گرداند و رغبت مباشرت آرد و از تکرار آن نه ضعف بصر خیزد و نه نقصان قوت.
Халифаи лаҳзае таъаммул кард ва гуфт : ман туро азин донотар гумони доштам ва зирактар май пиндоштам аммо он хизоб ки гуфтӣ сармояи ғуруру перояи кизб ва зӯраст , сиёҳии мӯи зулмату сифедии он нураст зиҳии нодон касе ки дар он кӯшад ки нурро ба зулмати бипушад
خلیفه لحظه ای تأمل کرد و گفت: من تو را ازین داناتر گمان داشتم و زیرکتر می پنداشتم اما آن خضاب که گفتی سرمایه غرور و پیرایه کذب و زور است، سیاهی مو ظلمت و سفیدی آن نور است زهی نادان کسی که در آن کوشد که نور را به ظلمت بپوشد.
Аблаҳӣ кӯ мекунад мӯии сифеди худ сиёҳ
ابلهی کو می کند موی سفید خود سیاه
Аз паии перии ҷавониро ҳама дорад умед
از پی پیری جوانی را همه دارد امید
Пеши доноён ки дар банд шикор давлатанд
پیش دانایان که در بند شکار دولتند
Кӣ буд зоғи сияҳро равнақи бози сифед
کی بود زاغ سیه را رونق باز سفید
Ва аммо он маъҷун ки зикр кардӣ ман аз он қабил нестам ки таом бисёр хӯрам ва ба он лиззати гирам , чаҳ аз он нохўштр ки ҳар лаҳза ба ҷое бояд рафт ки дар ӯ нодӣданиро бояд диду ношуниданиро бояд шуниду нобўиидниро бояд буиед .
و اما آن معجون که ذکر کردی من از آن قبیل نیستم که طعام بسیار خورم و به آن لذت گیرم، چه از آن ناخوشتر که هر لحظه به جایی باید رفت که در او نادیدنی را باید دید و ناشنیدنی را باید شنید و نابوییدنی را باید بویید.
Ҳукамо гуфтаанд : гуруснагӣ беморӣаст дар мизоҷу шаробу таоми онро модаи алоҷи нодон касеаст ки худро ба ихтиёр бемор созад то ба изтирор тимор кунад
حکما گفته اند: گرسنگی بیماریست در مزاج و شراب و طعام آن را ماده علاج نادان کسی است که خود را به اختیار بیمار سازد تا به اضطرار تیمار کند.
намекунад касби иштиҳои хоҷа
می کند کسب اشتها خواجه
То ба он рахна дар мизоҷ кунад
تا به آن رخنه در مزاج کند
Вонгаҳи он рахнаро зи пухтау хом
وانگه آن رخنه را ز پخته و خام
Ҳар чаҳ ёбад ба он алоҷ кунад
هر چه یابد به آن علاج کند
Ва аммо он таркиб ки фармудӣ , мубошират бо занони шуъбаи ист аз ҷунун аз қоидаи хирад давраст ки Халифа рӯй замини пеши духтаракӣ ба ду зонуи даройаду чоплусии намояд .
و اما آن ترکیب که فرمودی، مباشرت با زنان شعبه ایست از جنون از قاعده خرد دور است که خلیفه روی زمین پیش دخترکی به دو زانو درآید و چاپلوسی نماید.
эй зада лофи хирад чанд ба шаҳват гирӣ
ای زده لاف خرد چند به شهوت گیری
Гесуии шоҳиду занҷири ҷунуни ҷанбоне
گیسوی شاهد و زنجیر جنون جنبانی
Чаҳ ҷунун бошад азин беш ки пеши знкӣ
چه جنون باشد ازین بیش که پیش زنکی
Биншинӣ ба сари зонуу куни ҷанбоне
بنشینی به سر زانو و کون جنبانی