Дарин сароча ки чархиши камина тоқ намост

درین سراچه که چرخش کمینه طاق نماست

Ҳамеша қоматам аз бори дил чу тоқи дўтост

همیشه قامتم از بار دل چو طاق دوتاست

Чигуна шоди зайди он ки баҳри мурдани зод

چگونه شاد زید آن که بهر مردن زاد

Ба хонае ки пай инҳидом карда банност

به خانه ای که پی انهدام کرده بناست

Ба эътибори дарин кохи зарнигори нигар

به اعتبار درین کاخ زرنگار نگر

Ки ҳар назар ки на аз рӯй эътибор хатост

که هر نظر که نه از روی اعتبار خطاست

Паии мушоҳидаи розҳои пинҳонӣ

پی مشاهده رازهای پنهانی

Рухому мармараши ойӣна ҳои дода ҷилост

رخام و مرمرش آیینه های داده جلاست

Чаро чу санги асосаш ба пастеи монда

چرا چو سنگ اساسش به پستیی مانده

Ки бар ту аз дару девори бори ранҷу ъност

که بر تو از در و دیوار بار رنج و عناست

Урӯҷи даҳ дили худро ки равзани бомаш

عروج ده دل خود را که روزن بامش

Дарии кушода ба рӯяти з олам болост

دری گشاده به رویت ز عالم بالاست

Ба фахр ҳар ки сроФрохти ҳамчуи конгресс аш

به فخر هر که سرافراخت همچو کنگره اش

Фитад зи зилзилаи ҳодисот дар каму кост

فتد ز زلزله حادثات در کم و کاست

Ба нтъи хок мураббаъ нишин нашуд ба фироқ

به نطع خاک مربع نشین نشد به فراغ

Ҷузи он фитода ки чун хишти фарш ӯ таҳ пост

جز آن فتاده که چون خشت فرش او ته پاست

Камон ҳар хами тоқаш ки ҳаст дархури зиҳ

کمان هر خم طاقش که هست درخور زه

Кашида бар ҳадафи дайну дил хаданг балост

کشیده بر هدف دین و دل خدنگ بلاست

Фурӯғи шамса ӯ офтоб тобон аст

فروغ شمسه او آفتاب تابان است

Вале дареғ ки вақти завол он пайдост

ولی دریغ که وقت زوال آن پیداست

Дарун хона шавад тира аз дар баста

درون خانه شود تیره از در بسته

Ба тирагии дарун ҳар ки дар бибаст сазост

به تیرگی درون هر که در ببست سزاست

Гушой бар ҳама дар агар сафои хоҳӣ

گشای بر همه در اگر صفا خواهی

Ки сафаро чу дар баста нест ҷумла сафост

که صفه را چو در بسته نیست جمله صفاست

Чу тобаи дон ба риёзати латифи сози ҳиҷоб

چو تابه دان به ریاضت لطیف ساز حجاب

Ки чун касиф намонад ҳиҷоби умеди зёст

که چون کثیف نماند حجاب امید ضیاست

Нафири дард ҷудоӣ расад ба гӯши охир

نفیر درد جدایی رسد به گوش آخر

зи мутрибӣ ки дарин базмгоҳ нағма сарост

ز مطربی که درین بزمگاه نغمه سراست

зи бенавои худ парда дигар гирад

ز بینوایی خود پرده دگر گیرد

Мғниӣ ки дарин парда баргирифта навост

مغنیی که درین پرده برگرفته نواست

Туро ба сари пас парда роҳ накушояд

تو را به سر پس پرده راه نگشاید

Ҷузи ин қасида ки аз сари кори пардаи гшост

جز این قصیده که از سر کار پرده گشاست

Гузашти пояи шеърам ба рифъат аз шеърӣ

گذشت پایه شعرم به رفعت از شعری

Барин китоба ки миъроҷ гуфта шуъарост

برین کتابه که معراج گفته شعراست

Вале ҳануз улувва мадориҷи қадараш

ولی هنوز علو مدارج قدرش

Фурӯди манзалати мадҳ хусрав волост

فرود منزلت مدح خسرو والاست

Сипеҳри мартабаи султони ҳусайн каз кафи ҷӯад

سپهر مرتبه سلطان حسین کز کف جود

Зада тпончаҳи тшўир бар рух дарёст

زده طپانچه تشویر بر رخ دریاست

Шҳншҳӣ ки чу боди баҳори бустон ро

شهنشهی که چو باد بهار بستان را

Насими ъотФтши равза ҷаҳон орост

نسیم عاطفتش روضه جهان آراست

Ба дашти он ҳама гул чист донеу сабза

به دشت آن همه گل چیست دانی و سبزه

Сабои дақоиқи лутфаши ниҳода бар саҳрост

صبا دقایق لطفش نهاده بر صحراست

Ба кӯҳи он ҳама кон чист донеу гавҳар

به کوه آن همه کان چیست دانی و گوهر

Фалаки хасоис ҷўдш намӯда дар хор аст

فلک خصایص جودش نموده در خار است

Агар чаҳ дар назари обии сети баси тнки теғаш

اگر چه در نظر آبی ست بس تنک تیغش

Гузаштаи гуҳи зи миёни гуҳи з гардан аъдост

گذشته گه ز میان گه ز گردن اعداست

зи гардани оби гузаштаи сет ва ташна ме мерад

ز گردن آب گذشته ست و تشنه می میرد

Балии чунин буд онро ки иллат истисқост

بلی چنین بود آن را که علت استسقاست

Асои рмҳи ваии эъҷоз Мӯсавӣ дорад

عصای رمح وی اعجاز موسوی دارد

Ки рӯзи маърака дар чашми хасми аждрҳост

که روز معرکه در چشم خصم اژدرهاست

Бад-ӣни нишемани фақру ниёз кӣ нигарад

بدین نشیمن فقر و نیاز کی نگرد

Чунин ки ҳиммат ӯ дар мақом истиғност

چنین که همت او در مقام استغناست

Ҷаҳони пноҳо чун мртқои ҳиммати ту

جهان پناها چون مرتقای همت تو

з ҳар чаҳ ақл тасаввур кунад азон аълост

ز هر چه عقل تصور کند ازان اعلاست

Таназзулии сети зи авҷи ҷалолу ҷоҳи ту ро

تنزلی ست ز اوج جلال و جاه تو را

Ки манзили ту дарин хоки тӯдаи ғброст

که منزل تو درین خاک توده غبراست

Қиёси малики ҷаҳон бо ҳарими иззати ту

قیاس ملک جهان با حریم عزت تو

Ҳадиси хонаи чғз ва нишеман анқост

حدیث خانه چغذ و نشیمن عنقاست

Ту бар замин ба тавозуъ нишастае лекин

تو بر زمین به تواضع نشسته ای لیکن

Равоқи қадари ту бартари зи гунбади хзрост

رواق قدر تو برتر ز گنبد خضراست

Дарин хароба ҳамоно иморатӣ ки кунӣ

درین خرابه همانا عمارتی که کنی

Ғараз на ҳаззи худ осӯдагӣ халқ худост

غرض نه حظ خود آسودگی خلق خداست

Ки то ба сояи девори ту паноҳи оранд

که تا به سایه دیوار تو پناه آرند

Ки чархи кӣнаи вару рӯзгор ҳодиса зост

که چرخ کینه ور و روزگار حادثه زاست

Ба ҷанби нури замири ту офтоб буд

به جنب نور ضمیر تو آفتاب بود

Чунон ҳақир ки дар ҷанби офтоби сҳост

چنان حقیر که در جنب آفتاب سهاست

зи хусравон ба ту касро қиёс натавон кард

ز خسروان به تو کس را قیاس نتوان کرد

Дарин қазия ки гуфтам далел истиқрост

درین قضیه که گفتم دلیل استقراست

Буд дили ҳамаи машғӯли ъушрати имрӯз

بود دل همه مشغول عشرت امروز

Ба ҷузи дили ту ки машъуф давлат фардост

به جز دل تو که مشعوف دولت فرداست

Балии зи давлати боқии умеди ббридн

بلی ز دولت باقی امید ببریدن

Барои ъушрати фонӣ на шева доност

برای عشرت فانی نه شیوه داناست

Аннани борагӣ худ кашида май дорӣ

عنان بارگی خود کشیده می داری

з ҳар раҳе ки шариъат ба он на роҳнамост

ز هر رهی که شریعت به آن نه راهنماست

Фурӯғи рои ту осори шаръ равшан кард

فروغ رای تو آثار شرع روشن کرد

Зломи тӯрау ирғўи зи роҳ дайн бархест

ظلام توره و یرغو ز راه دین برخاست

Маҳорати ту ба ҳаддӣаст дар дақоиқи фиқҳ

مهارت تو به حدیست در دقایق فقه

Ки мубдиъоти замири ту ҳираҳи алФқҳост

که مبدعات ضمیر تو حیرة الفقهاست

НФози адли ту бардошт аз миёнаи халқ

نفاذ عدل تو برداشت از میانه خلق

Русуми каҷ ки на бо ҳукм шаръ бошад рост

رسوم کج که نه با حکم شرع باشد راست

Нишон намонад зи тмғо ба ғайри он доғӣ

نشان نماند ز تمغا به غیر آن داغی

Ки дар дарунаи тмғочӣ аз ғами тмғост

که در درونه تمغاچی از غم تمغاست

Агар чаҳ сӯқи сухан бар мсоқи ҳикмату панд

اگر چه سوق سخن بر مساق حکمت و پند

На мазҳаби шуъарои бал вазифа ҳукамост

نه مذهب شعرا بل وظیفه حکماست

Дарин қасидаи супурдами хилофи мазҳаби шеър

درین قصیده سپردم خلاف مذهب شعر

Ба вифқи амри ту конро нФоз ҳукм қазост

به وفق امر تو کان را نفاذ حکم قضاست

Вагарнаи ҳамчуи маниро ба маҷлисӣ ки равад

وگرنه همچو منی را به مجلسی که رود

Ҳазор нуктаи ҳикмати забон панд куҷост

هزار نکته حکمت زبان پند کجاست

Сухан ки на бар наҳҷ ихтисор рафт он ба

سخن که نه بر نهج اختصار رفت آن به

Ки тай кунам дигар ин номаро ки вақт дуост

که طی کنم دگر این نامه را که وقت دعاست

Ҳамеша то з фалак донад ин қадари доно

همیشه تا ز فلک داند این قدر دانا

Ки ҳар иморат ӯро харобе з қафост

که هر عمارت او را خرابیی ز قفاست

Мабод шуғли ту алои иморати дилҳо

مباد شغل تو الا عمارت دلها

Ки дар иморати дилҳо иморат ду сарост

که در عمارت دلها عمارت دو سراست