Лолаи қадаҳи бодау гул шоҳид раъност

لاله قدح باده و گل شاهد رعناست

Гулбонги занони мурғи чаман мутриб гуёст

گلبانگ زنان مرغ چمن مطرب گویاست

Бхроми сӯии боғ ки шодӣу тараб ро

بخرام سوی باغ که شادی و طرب را

Бе саъии ту ва ман ҳама асбоб муҳайёст

بی سعی تو و من همه اسباب مهیاست

То гули ттқи ғунчаи зи рухсори кушодаи сет

تا گل تتق غنچه ز رخسار گشاده ست

Наргиси ҳамаи тани чашм шуда баҳр тамошост

نرگس همه تن چشم شده بهر تماشاست

Сабза кашад аз сӯзани зангори гирифта

سبزه کشد از سوزن زنگار گرفته

Хорӣ ки шикастаи зи даии андари ҷигари мост

خاری که شکسته ز دی اندر جگر ماست

Бар сӯрат наргис бигушо чашм ки гӯйӣ

بر صورت نرگس بگشا چشم که گویی

Пероҳани хуршеди аёни ақди сурайёст

پیراهن خورشید عیان عقد ثریاست

ё бар кафи симини бадании ҷом зараст он

یا بر کف سیمین بدنی جام زر است آن

Каз ҳар сӯяши ангушт чу сим омада пайдост

کز هر سویش انگشت چو سیم آمده پیداست

Баҳри қбсии зи оташи гули шохи шукуфа

بهر قبسی ز آتش گل شاخ شکوفه

Аз ҷайб бурун карда чу Мӯсо яд Байзост

از جیب برون کرده چو موسی ید بیضاست

Саркардаи фурӯи хирқаи кабӯдии сети бунафша

سرکرده فرو خرقه کبودی ست بنفشه

Каз сабза ба зери қадамаш сабз мусаллост

کز سبزه به زیر قدمش سبز مصلاست

Ин абр баҳораст ки дар сояи ҷўдш

این ابر بهار است که در سایه جودش

Пари гавҳар дар гашта ҳама доман саҳрост

پر گوهر در گشته همه دامن صحراست

Неи неи ғалатам балки саропардаи ъушрат

نی نی غلطم بلکه سراپرده عشرت

Шоҳ аз пай бахшиш зада бар торам миност

شاه از پی بخشش زده بر طارم میناست

Ҷомӣ ки зад аз нави рақами ин шеъри баҳорӣ

جامی که زد از نو رقم این شعر بهاری

Аз барги гиёҳии чамани мадҳ шаҳ орост

از برگ گیاهی چمن مدح شه آراست