Муқӣми кӯии туро Фсҳти ҳарам танг аст

مقیم کوی تو را فسحت حرم تنگ است

зи каъба то сари Кувайти ҳазор фарсанг аст

ز کعبه تا سر کویت هزار فرسنگ است

Дилами заъифу з ҳар сӯи маломатӣ чаҳ кунам

دلم ضعیف و ز هر سو ملامتی چه کنم

Ки шишаи нозук ва ҳар ҷо ки май рӯм санг аст

که شیشه نازک و هر جا که می روم سنگ است

Макун ба ҳалқаи мо зикри риштаи тасбеҳ

مکن به حلقه ما ذکر رشته تسبیح

Ки гӯши маҷлисён бар бришм чанг аст

که گوش مجلسیان بر بریشم چنگ است

Ба арсаи чаману саҳн боғ накушояд

به عرصه چمن و صحن باغ نگشاید

Дилӣ ки ғунча вааш аз ҳиҷри глрхӣ танг аст

دلی که غنچه وش از هجر گلرخی تنگ است

зи сулҳу ҷанги касонами ғами ту фориғи сохт

ز صلح و جنگ کسانم غم تو فارغ ساخت

На бо касами сари сулҳ ва на тоқат ҷанг аст

نه با کسم سر صلح و نه طاقت جنگ است

Ба қадари оинаи ҳасани ту май намояд рӯй

به قدر آینه حسن تو می نماید روی

Дареғи коинаҳи мо наҳуфта дар занг аст

دریغ کآینه ما نهفته در زنگ است

Мубини ду рангии рухсору ашки ҷомӣ ро

مبین دو رنگی رخسار و اشک جامی را

Ки дар тариқи муҳаббат ҳамеша икрнг аст

که در طریق محبت همیشه یکرنگ است