Ман пас зонуии ғам то ёри ҳам зонуӣ кист

من پس زانوی غم تا یار هم زانوی کیست

Хотири ман сӯй ӯ то хотир ӯ сӯй кист

خاطر من سوی او تا خاطر او سوی کیست

Ман нишаста рӯй бар ойӣнаи зонуии хеш

من نشسته روی بر آیینه زانوی خویش

Токунӯн он моҳ чун ойӣнаи рӯ дар рӯй кист

تاکنون آن ماه چون آیینه رو در روی کیست

намерасад ҳар лаҳзаи машкомез боди субҳи хез

می رسد هر لحظه مشک آمیز باد صبح خیز

Гар на бар мишкӣни ғизоли ман гузашти ин буи кист

گر نه بر مشکین غزال من گذشت این بوی کیست

Сӯй миҳробам махон эй шайх бингар кини замон

سوی محرابم مخوان ای شیخ بنگر کین زمان

Нақши баста дар дилами шакли хам абрӯӣ кист

نقش بسته در دلم شکل خم ابروی کیست

Гар на шаб дар хоби он сарви равонро дида ам

گر نه شب در خواب آن سرو روان را دیده ام

Монда дар чашмами хаёли қомат дилҷӯй кист

مانده در چشمم خیال قامت دلجوی کیست

эй ки фориғ гӯйем зон сангдил борӣ бибин

ای که فارغ گوییم زان سنگدل باری ببین

Комшбм бо хештан то рӯз гуфт ва гӯй кист

کامشبم با خویشتن تا روز گفت و گوی کیست

Шуд саги кӯии ту ҷомӣ чун сагонаш доғ кун

شد سگ کوی تو جامی چون سگانش داغ کن

То бидонад ҳар ки бинад каз сегон кӯй кист

تا بداند هر که بیند کز سگان کوی کیست