Ид шуд як дил наме байнам ки акнӯн шод нест
عید شد یک دل نمی بینم که اکنون شاد نیست
Ҷузи дили худ кини замони ҳам аз ғамат озод нест
جز دل خود کین زمان هم از غمت آزاد نیست
Кӣ тавонам баҳри идӣ бо ту густохӣ намӯд
کی توانم بهر عیدی با تو گستاخی نمود
Чун марои пеши ту ёрои мборкбод нест
چون مرا پیش تو یارای مبارکباد نیست
Чун кунам қасди сухани ном ту ояд бар забон
چون کنم قصد سخن نام تو آید بر زبان
Чун кунам ҷоно ки ҷузи номи ту ҳеҷам ёд нест
چون کنم جانا که جز نام تو هیچم یاد نیست
эй фалаки андӯҳи ширин бар дил хусрав манеҳ
ای فلک اندوه شیرین بر دل خسرو منه
Кини бизоъатро харидорӣ ба аз Фарҳод нест
کین بضاعت را خریداری به از فرهاد نیست
Гар расад сад захми азу бар ҷон дило афғон макун
گر رسد صد زخم ازو بر جان دلا افغان مکن
Зонка хуии нозукашро тоқат фарёд нест
زانکه خوی نازکش را طاقت فریاد نیست
Гарм май байнам ба меҳри худ дили он ма вале
گرم می بینم به مهر خود دل آن مه ولی
Меҳри хубонро чу сабри ошиқон бунёд нест
مهر خوبان را چو صبر عاشقان بنیاد نیست
Бар сар роҳаш фитодам дай ки дод ман бидиҳ
بر سر راهش فتادم دی که داد من بده
Гуфт ҷомии хез кандар дайн хубон дод нест
گفت جامی خیز کاندر دین خوبان داد نیست