Он на хатаст ки гирди рух зебоаш гирифт
آن نه خط است که گرد رخ زیباش گرفت
Дили мо сӯхти басии дӯди дил моаш гирифт
دل ما سوخت بسی دود دل ماش گرفت
Тўтённди фурӯи барда ба шукри минқор
طوطیانند فرو برده به شکر منقار
ё хати сабзи лаби лаъл шкрхош гирифт
یا خط سبز لب لعل شکرخاش گرفت
Нақш побӯс ваем нест ҳамин бас ки чу шуд
نقش پابوس ویم نیست همین بس که چو شد
Дар раҳаши судаи танами нақши каф пош гирифт
در رهش سوده تنم نقش کف پاش گرفت
На диласт ин ба барам балки дилам аз ғами ишқ
نه دل است این به برم بلکه دلم از غم عشق
Шуд ҷудои қатрае аз хӯни ҷигар ҷоаш гирифт
شد جدا قطره ای از خون جگر جاش گرفت
Гуфт домони висолати бунаам бар каф ва рафт
گفت دامان وصالت بنهم بر کف و رفت
Ашки ман гӯшаи домон ба тақозоаш гирифт
اشک من گوشه دامان به تقاضاش گرفت
Соқии имрӯз ба нақадам қадаҳӣ чанд бидиҳ
ساقی امروز به نقدم قدحی چند بده
Рағми онро ки ғами нася фардоаш гирифт
رغم آن را که غم نسیه فرداش گرفت
Дил дар он зулф сияҳ шуд бугсали ҷомии азу
دل در آن زلف سیه شد بگسل جامی ازو
Бар ҳазар бош зи девона ки савдоаш гирифт
بر حذر باش ز دیوانه که سوداش گرفت