Бози субҳи тараб аз матлаъ умед дамид
باز صبح طرب از مطلع امید دمید
Нафаҳоти зафар аз гулшани иқболи вазид
نفحات ظفر از گلشن اقبال وزید
Номаи бастаи саромади зи муроди дили ман
نامه بسته سرآمد ز مراد دل من
Ҳосили номаи Муродӣ ки дилам ме талабед
حاصل نامه مرادی که دلم می طلبید
Фатҳи нокарда чу нофаи сари он нома ҳануз
فتح ناکرده چو نافه سر آن نامه هنوز
Ба машоми дилу ҷони роиҳа фатҳ расед
به مشام دل و جان رایحه فتح رسید
Ҳар киро буд пар аз гавҳари ихлоси дарун
هر که را بود پر از گوهر اخلاص درون
Чун садаф шуд ҳамаи тани гӯш чу он мужда шунид
چون صدف شد همه تن گوش چو آن مژده شنید
Ллаҳи алҳмд ки он нақш ки хотир май хост
لله الحمد که آن نقش که خاطر می خواست
Омад охири зи пас пардаи тақдири падед
آمد آخر ز پس پرده تقدیر پدید
Хор ҳар кед ки бадхоҳ ба роҳи ту ниҳод
خار هر کید که بدخواه به راه تو نهاد
Ханҷарии гашт ки ҷуз дар ҷигар ӯ нахлед
خنجری گشت که جز در جگر او نخلید
Дмбдми ҷомӣ аз ихлос кунад ҳамраҳи бод
دمبدم جامی از اخلاص کند همره باد
Сӯии ту фотиҳаи фотиҳи Абубоби мазид
سوی تو فاتحه فاتح ابوباب مزید