Васлат наёфт дил ба хаёли ту ҷони супурд

وصلت نیافت دل به خیال تو جان سپرد

Ҷӯёии оби ташнаи лаби андари сароби мард

جویای آب تشنه لب اندر سراب مرد

Ёрӣ ки пок кард ба домани рухами зи ашк

یاری که پاک کرد به دامن رخم ز اشک

Хӯн ҷигар чакид чу домони худ фишурд

خون جگر چکید چو دامان خود فشرد

Лоғар шудам чунон ки чу чанг аз буруни пӯст

لاغر شدم چنان که چو چنگ از برون پوست

Бар тани раҳгӣ ки ҳаст маро ме тавон шимурд

بر تن رگی که هست مرا می توان شمرد

Ошиқи ниҳодаи ҷон ба каф омад ба пеши ту

عاشق نهاده جان به کف آمد به پیش تو

Дарвеши хидматӣ ки тавонист пеши барад

درویش خدمتی که توانست پیش برد

намечун хӯрам ки дӯш чу соқӣ ба дасти ман

می چون خورم که دوش چو ساقی به دست من

Давр аз лаби ту ҷом май лолаи гавани супурд

دور از لب تو جام می لاله گون سپرد

Гуҳи ҷоми ҳамчу май зи дили гарм ман гудохт

گه جام همچو می ز دل گرم من گداخت

Гуҳ май чу ҷом аз нафаси сарди ман Фсрд

گه می چو جام از نفس سرد من فسرد

Ҷомӣ ки кунад сина ба нохуни сабаб чаҳ буд

جامی که کند سینه به ناخن سبب چه بود

Ҳарфӣ ки ҷузи вафои ту аз дили ҳамеи стрд

حرفی که جز وفای تو از دل همی سترد