Он ма ба ҷониби сафар оҳанг ме кунад
آن مه به جانب سفر آهنگ میکند
Саҳроу шаҳр бар дили мо танг ме кунад
صحرا و شهر بر دل ما تنگ میکند
эй нома бар ба маҷлис ӯ номи ман бабр
ای نامه بر به مجلس او نام من ببر
Каз гуфт вгўии номи маниш нанг ме кунад
کز گفتوگوی نام منش ننگ میکند
Шарҳи камоли шавқи ҳамин бас ки чашми ман
شرح کمال شوق همین بس که چشم من
Унвони ин саҳифа ба хӯн ранг ме кунад
عنوان این صحیفه به خون رنگ میکند
Ошиқи фишондаи ҷон ба раҳи каъбаи мурод
عاشق فشانده جان به ره کعبه مراد
Зоҳид нишаста пурсиш фарсанг ме кунад
زاهد نشسته پرسش فرسنگ میکند
Сад чанг май кашем ба умеди як сафо
صد چنگ میکشیم به امید یک صفا
Чун мебарем номи сафо ҷанг ме кунад
چون میبریم نام صفا جنگ میکند
Нашунидае ба самъи қабул ар чаҳ мӯҳтасиб
نشنیدهای به سمع قبول ار چه محتسب
Манъи самоъи бонги не ва чанг ме кунад
منع سماع بانگ نی و چنگ میکند
Ҷомӣ кунад ба сахти дилии ёрро итоб
جامی کند به سخت دلی یار را عتاب
Ҷоми тнки муҷодала бо санг ме кунад
جام تُنُک مجادله با سنگ میکند