Лаъли лабат ба лутф ҳикоят наме кунад

لعل لبت به لطف حکایت نمی‌کند

Чашми хушати назар ба аноят наме кунад

چشم خوشت نظر به عنایت نمی‌کند

Сад бор беш пеши ту гуфтеми дарди дил

صد بار بیش پیش تو گفتیم درد دل

Дардо ки дар дили ту сироят наме кунад

دردا که در دل تو سرایت نمی‌کند

Дил бо саги ту шарҳ диҳад қиссаи рақиб

دل با سگ تو شرح دهد قصه رقیب

Аз дӯстон ба ғайр шикоят наме кунад

از دوستان به غیر شکایت نمی‌کند

Бо шайхи хирқаи пӯш чаҳ корам ки кори ман

با شیخ خرقه پوش چه کارم که کار من

Ҷузи пер май фуруш кифоят наме кунад

جز پیر می‌فروش کفایت نمی‌کند

Аз лавҳи фаҳми воъизи хуши лаҳҷаи маҳв ба

از لوح فهم واعظ خوش‌لهجه محو به

Ҳар нукта каз лаби ту ривоят наме кунад

هر نکته کز لب تو روایت نمی‌کند

Маъшӯқро риояти ошиқ хушаст лек

معشوق را رعایت عاشق خوش است لیک

Ёри ман ин тариқа риоят наме кунад

یار من این طریقه رعایت نمی‌کند

Ҷомӣ бабанд лаб ки ҳарифи сухани нюаш

جامی ببند لب که حریف سخن‌نیوش

Идроки рамзу фаҳм кноит наме кунад

ادراک رمز و فهم کنایت نمی‌کند