Ба чанги ғами дилам аз нола танг ме ояд

به چنگ غم دلم از ناله تنگ می‌آید

Ки тори зулфи ту дайрам ба чанг ме ояд

که تار زلف تو دیرم به چنگ می‌آید

Ба буии оштӣати ҷони ҳамеи даҳум ҳарчанд

به بوی آشتیت جان همی‌دهم هرچند

Каз оштии туами буи ҷанг ме ояд

کز آشتی توام بوی جنگ می‌آید

Ба баҳри ишқи ту шастами зи коми дасти умед

به بحر عشق تو شستم ز کام دست امید

Чу гоми саъй ба ком наҳанг ме ояд

چو گام سعی به کام نهنگ می‌آید

Тарашшӯҳии сети зи хӯни дили оби дидаи мо

ترشحی‌ست ز خون دل آب دیده ما

Ки бо хаёли лабати сурх ранг ме ояд

که با خیال لبت سرخ‌رنگ می‌آید

намебаранд зи мо бар бисоти қурби ту ном

نمی‌برند ز ما بر بساط قرب تو نام

Балии ту шоҳӣ ва аз мот нанг ме ояд

بلی تو شاهی و از مات ننگ می‌آید

Шудам зи санги маломат ба зери хок ва ҳануз

شدم ز سنگ ملامت به زیر خاک و هنوز

Ба хокам аз кафи аҳбоб санг ме ояд

به خاکم از کف احباب سنگ می‌آید

Баромадаи сети пар аз хӯни дили чунон ҷомӣ

برآمده‌ست پر از خون دل چنان جامی

Ки ғунчаи вор бар ӯ ҷома танг ме ояд

که غنچه‌وار بر او جامه تنگ می‌آید