Дай ки буд он кофари саркаш ки таркиши баста буд
دی که بود آن کافر سرکش که ترکش بسته بود
Тири мижгон дар камони абрувони пайваста буд
تیر مژگان در کمان ابروان پیوسته بود
Як дили андари брнбинми мардуми назора ро
یک دل اندر برنبینم مردم نظاره را
Каш на он абрӯи камон аз тири мижгони хаста буд
کش نه آن ابرو کمان از تیر مژگان خسته بود
Хирмани тақвоу сабри аҳли дил солим наҷуст
خرمن تقوی و صبر اهل دل سالم نجست
Зотшӣ каз наъли сами бодпоиши ҷуста буд
زآتشی کز نعل سم بادپایش جسته بود
Риштаҳо буд аз раги ҷонҳо муҳайё ҳар тараф
رشته ها بود از رگ جان ها مهیا هر طرف
Тавсанашро чун Аннан аз саркашии бигусаста буд
توسنش را چون عنان از سرکشی بگسسته بود
Шуд дилами сад шох ва бо ҳар як ҷудо пайванд ёфт
شد دلم صد شاخ و با هر یک جدا پیوند یافت
Шохи райҳони турш каз барги насрини руста буд
شاخ ریحان ترش کز برگ نسرین رسته بود
ӯ гузашт аз мо ва мо монадем ҳайрон чун кунем
او گذشت از ما و ما ماندیم حیران چون کنیم
Мураккаб ӯ тунд ва моро борагии оҳиста буд
مرکب او تند و ما را بارگی آهسته بود
Дид ҷомии ногаҳони он шакли шаҳрошӯб ва рафт
دید جامی ناگهان آن شکل شهرآشوب و رفت
Он ки рӯзӣ чанд аз савдои хубони руста буд
آن که روزی چند از سودای خوبان رسته بود